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Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद क्या करें? भूलकर भी न करें ये गलतियां

Chandra Grahan 2026: आंशिक चंद्र ग्रहण आरंभ हो चुका है. आंशिक चंद्र ग्रहण का चरण करीब 3 घंटे 16 मिनट तक चलेगा, और ग्रहण का चरम काल सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर रहेगा. तो चलिए जानते हैं कि ग्रहण खत्म होने के चुरंत बाद क्या करें.

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Last Updated: August 28, 2026 09:46:29 IST

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Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त 2026 को यह चंद्र ग्रहण आज सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर शुरू हो चुका है और इसकी समाप्ति सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर होगी. इस तरह यह आंशिक चंद्र ग्रहण कुल 3 घंटे 18 मिनट तक चलेगा.इस दौरान, भक्त मंत्र जाप जैसी आध्यात्मिक क्रियाओं को प्राथमिकता देते हैं. शांत माहौल बनाए रखने और खाने को खराब होने से बचाने की सलाह दी जाती है. ग्रहण खत्म होने के बाद, नहाना और दान करना शुभ काम माना जाता है. हालांकि, इस खास चंद्र ग्रहण के लिए भारत में सूतक की पाबंदियां लागू नहीं होती हैं.

28 अगस्त, 2026 को एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण, चंद्र ग्रहण, लगेगा. हिंदू परंपरा में ग्रहण आध्यात्मिक संवेदनशीलता का समय होता है. इस दौरान गतिविधियां कम होती हैं जबकि प्रार्थना और मंत्र जाप को प्राथमिकता दी जाती है.

    1. मंत्रों का जाप करें

    ग्रहण के दौरान भक्त महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र, विष्णु मंत्र या अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का समय ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए उपयुक्त माना जाता है.

     चंद्र ग्रहण में राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप

    • मेष राशि: “ॐ अं अंगारकाय नमः” अथवा “ॐ हं हनुमते नमः” का जाप करें।
    • वृषभ राशि: “ॐ शुं शुक्राय नमः” या फिर “ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः” मंत्र का उच्चारण करें।
    • मिथुन राशि: “ॐ बुं बुधाय नमः” अथवा “ओम गं गणपतये नमो नमः” जाप करना शुभ रहेगा।
    • कर्क राशि: “ॐ सों सोमाय नमः” का जाप करें, या फिर महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना विशेष लाभकारी होगा।
    • सिंह राशि: “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र के साथ-साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना उत्तम रहेगा।
    • कन्या राशि: “ॐ बुं बुधाय नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
    • तुला राशि: “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का उच्चारण करना शुभ रहेगा।
    • वृश्चिक राशि: “ॐ कुं कुजाय नमः”, “ॐ मंगलाय नमः” अथवा सुंदरकांड का पाठ करना फलदायी होगा।
    • धनु राशि: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें, या फिर अपने गुरु मंत्र का पाठ करना उचित रहेगा।
    • मकर राशि: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप विशेष लाभकारी रहेगा।
    • कुंभ राशि: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का उच्चारण करें।
    • मीन राशि: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ रहेगा।

    2. भोजन को सुरक्षित रखें

    जिन परिवारों में सूतक की परंपरा का पालन किया जाता है, वहां आमतौर पर ग्रहण से पहले ही भोजन तैयार कर लिया जाता है. हिंदू परंपरा में तुलसी को पवित्र माना जाता है और कुछ परिवार रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा भी निभाते हैं.हालांकि, भारत में 28 अगस्त के इस ग्रहण के लिए सूतक मान्य नहीं है, इसलिए यहां रहने वाले लोगों पर भोजन को लेकर इस तरह के धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होंगे.

    3. घर का माहौल शांत रखें

    ग्रहण के दौरान ध्यान, मंत्र जाप या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना बेहतर माना जाता है. तेज आवाज में मनोरंजन करने के बजाय शांत वातावरण बनाए रखने की सलाह दी जाती है. इसका उद्देश्य मन को शांत और स्थिर रखना है.

    ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद क्या करें?

    जिन स्थानों पर ग्रहण से जुड़ी धार्मिक परंपराएं मानी जाती हैं, वहां ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने की परंपरा है. कुछ परिवार इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके सामान्य पूजा-पाठ शुरू करते हैं.कई हिंदू परंपराओं में ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है. आप अपनी क्षमता के अनुसार दान कर सकते हैं.

    चंद्र ग्रहण के दौरान किन गलतियों से बचें?

    शुभ कार्य 

    जिन परिवारों में सूतक की धार्मिक परंपरा मानी जाती है, वहां ग्रहण के दौरान शादी, गृह प्रवेश या बड़े पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है.

    खाना बनाने 

    सूतक का पालन करने वाले परिवारों में ग्रहण की अवधि के दौरान खाना पकाने से बचने की परंपरा रही है. हालांकि, यह धार्मिक मान्यता है और भारत में इस ग्रहण के लिए सूतक लागू नहीं है.जो लोग सूतक की परंपरा का पालन करते हैं, वे इस दौरान भोजन से परहेज कर सकते हैं. लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतीमहिलाओं और किसी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी जरूरत वाले लोगों को अपनी सेहत की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

    बहस और कठोर शब्दों ग्रहण के दौरान मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है. इसलिए बेवजह की बहस, गुस्सा, कटु शब्दों और भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचना बेहतर माना जाता है.

    क्या 28 अगस्त को भारत में सूतक काल मान्य होगा?

    नहीं. 28 अगस्त 2026 को होने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में रहने वाले लोगों के लिए सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा. इसका मतलब है कि भारतीय परिवारों को सूतक से जुड़े सामान्य धार्मिक प्रतिबंधों का पालन करने की जरूरत नहीं है.

    हालांकि, विदेशों में रहने वाले लोगों को अपने शहर में ग्रहण दिखाई देगा या नहीं, यह जरूर देख लेना चाहिए, क्योंकि ग्रहण से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं स्थान और दृश्यता के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं.

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    Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त 2026 को यह चंद्र ग्रहण आज सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर शुरू हो चुका है और इसकी समाप्ति सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर होगी. इस तरह यह आंशिक चंद्र ग्रहण कुल 3 घंटे 18 मिनट तक चलेगा.इस दौरान, भक्त मंत्र जाप जैसी आध्यात्मिक क्रियाओं को प्राथमिकता देते हैं. शांत माहौल बनाए रखने और खाने को खराब होने से बचाने की सलाह दी जाती है. ग्रहण खत्म होने के बाद, नहाना और दान करना शुभ काम माना जाता है. हालांकि, इस खास चंद्र ग्रहण के लिए भारत में सूतक की पाबंदियां लागू नहीं होती हैं.

    28 अगस्त, 2026 को एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण, चंद्र ग्रहण, लगेगा. हिंदू परंपरा में ग्रहण आध्यात्मिक संवेदनशीलता का समय होता है. इस दौरान गतिविधियां कम होती हैं जबकि प्रार्थना और मंत्र जाप को प्राथमिकता दी जाती है.

      1. मंत्रों का जाप करें

      ग्रहण के दौरान भक्त महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र, विष्णु मंत्र या अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का समय ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए उपयुक्त माना जाता है.

       चंद्र ग्रहण में राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप

      • मेष राशि: “ॐ अं अंगारकाय नमः” अथवा “ॐ हं हनुमते नमः” का जाप करें।
      • वृषभ राशि: “ॐ शुं शुक्राय नमः” या फिर “ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः” मंत्र का उच्चारण करें।
      • मिथुन राशि: “ॐ बुं बुधाय नमः” अथवा “ओम गं गणपतये नमो नमः” जाप करना शुभ रहेगा।
      • कर्क राशि: “ॐ सों सोमाय नमः” का जाप करें, या फिर महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना विशेष लाभकारी होगा।
      • सिंह राशि: “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र के साथ-साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना उत्तम रहेगा।
      • कन्या राशि: “ॐ बुं बुधाय नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
      • तुला राशि: “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का उच्चारण करना शुभ रहेगा।
      • वृश्चिक राशि: “ॐ कुं कुजाय नमः”, “ॐ मंगलाय नमः” अथवा सुंदरकांड का पाठ करना फलदायी होगा।
      • धनु राशि: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें, या फिर अपने गुरु मंत्र का पाठ करना उचित रहेगा।
      • मकर राशि: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप विशेष लाभकारी रहेगा।
      • कुंभ राशि: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का उच्चारण करें।
      • मीन राशि: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ रहेगा।

      2. भोजन को सुरक्षित रखें

      जिन परिवारों में सूतक की परंपरा का पालन किया जाता है, वहां आमतौर पर ग्रहण से पहले ही भोजन तैयार कर लिया जाता है. हिंदू परंपरा में तुलसी को पवित्र माना जाता है और कुछ परिवार रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा भी निभाते हैं.हालांकि, भारत में 28 अगस्त के इस ग्रहण के लिए सूतक मान्य नहीं है, इसलिए यहां रहने वाले लोगों पर भोजन को लेकर इस तरह के धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होंगे.

      3. घर का माहौल शांत रखें

      ग्रहण के दौरान ध्यान, मंत्र जाप या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना बेहतर माना जाता है. तेज आवाज में मनोरंजन करने के बजाय शांत वातावरण बनाए रखने की सलाह दी जाती है. इसका उद्देश्य मन को शांत और स्थिर रखना है.

      ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद क्या करें?

      जिन स्थानों पर ग्रहण से जुड़ी धार्मिक परंपराएं मानी जाती हैं, वहां ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने की परंपरा है. कुछ परिवार इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके सामान्य पूजा-पाठ शुरू करते हैं.कई हिंदू परंपराओं में ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है. आप अपनी क्षमता के अनुसार दान कर सकते हैं.

      चंद्र ग्रहण के दौरान किन गलतियों से बचें?

      शुभ कार्य 

      जिन परिवारों में सूतक की धार्मिक परंपरा मानी जाती है, वहां ग्रहण के दौरान शादी, गृह प्रवेश या बड़े पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है.

      खाना बनाने 

      सूतक का पालन करने वाले परिवारों में ग्रहण की अवधि के दौरान खाना पकाने से बचने की परंपरा रही है. हालांकि, यह धार्मिक मान्यता है और भारत में इस ग्रहण के लिए सूतक लागू नहीं है.जो लोग सूतक की परंपरा का पालन करते हैं, वे इस दौरान भोजन से परहेज कर सकते हैं. लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतीमहिलाओं और किसी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी जरूरत वाले लोगों को अपनी सेहत की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

      बहस और कठोर शब्दों ग्रहण के दौरान मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है. इसलिए बेवजह की बहस, गुस्सा, कटु शब्दों और भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचना बेहतर माना जाता है.

      क्या 28 अगस्त को भारत में सूतक काल मान्य होगा?

      नहीं. 28 अगस्त 2026 को होने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में रहने वाले लोगों के लिए सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा. इसका मतलब है कि भारतीय परिवारों को सूतक से जुड़े सामान्य धार्मिक प्रतिबंधों का पालन करने की जरूरत नहीं है.

      हालांकि, विदेशों में रहने वाले लोगों को अपने शहर में ग्रहण दिखाई देगा या नहीं, यह जरूर देख लेना चाहिए, क्योंकि ग्रहण से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं स्थान और दृश्यता के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं.

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