Live TV
Search
Home > अजब गजब न्यूज > VIDEO: जब डॉक्टरों ने किया भगवान जगन्नाथ का चेकअप; क्या भगवान भी बीमार होते हैं? जानिए जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी ‘अनसार’ परंपरा के बारे में!

VIDEO: जब डॉक्टरों ने किया भगवान जगन्नाथ का चेकअप; क्या भगवान भी बीमार होते हैं? जानिए जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी ‘अनसार’ परंपरा के बारे में!

उत्तर प्रदेश के रसमंडल मंदिर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें डॉक्टर्स की एक टीम भगवान जगन्नाथ का स्टेथोस्पोस से मेडिकल टेस्ट करती नजर आ रही है.

Written By:
Last Updated: July 16, 2026 18:31:05 IST

Mobile Ads 1x1

ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जा रही है. हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होने वाली यह यात्रा इस साल 16 जुलाई को शुरू हो गई है. इसमें भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा विशाल रथों में सवार होकर अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) जाते हैं. देशभर में जगन्नाथ रथ यात्रा के हर्ष में डूबी है. इससे भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी है. इससे जुड़ी तमाम फोटो-वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस बीच एक ऐसा वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है जिसमें भगवान जगन्नाथ की मूर्ति को स्टेतोस्कोप से चेक किया जा रहा है. इस वीडियो पर लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं लेकिन आप इसके पीछे का कारण जानेंगे तो सच में हैरान रह जाएंगे क्योंकि यह घटना कोई इत्तेफाक या गुड्डे-गुड़िया का खेल नहीं है बल्कि सदियों पुरानी ‘अनसार’ धार्मिक परंपरा का हिस्सा है.

भगवान जगन्नाथ का मेडिकल टेस्ट

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में रसमंडल मंदिर में भगवान जगन्नाथ के मेडिकल टेस्ट के दौरान डॉक्टर्स की टीम ने स्टेथोस्कोप से भगवान जगन्नाथ का चेकअप किया. यह एक सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है जिसमें वार्षिक रथ यात्रा निकालने से पहले भगवान जगन्नाथ की हेल्थ को चेक किया जाता है. यह कोई अंधविश्वास या चिकित्सा का मजाक नहीं, बल्कि ‘अनसार’ (Anasara) नाम की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का एक प्रतीकात्मक हिस्सा है.

क्या है यह परंपरा?

इस धार्मिक परंपरा को अनसरा कहते हैं, जिसको लेकर प्रचलित मान्यता है कि हिंदू महीने ज्येष्ठ की पूर्णिमा को पड़ने वाले स्नान पूर्णिमा के दिन 108 कलशों से स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि लंबे समय तक स्नान करने से भगवान को बुखार हो जाता है, इसलिए आषाढ़ के कृष्ण पक्ष में स्नान पूर्णिमा के अगले दिन से अमावस्या तक भगवान जगन्नाथ को भक्तों के दर्शन से दूर रखा जाता है. इस दौरान भक्तों को भगवान का दर्शन करने की अनुमति नहीं होती है.

भगवान को लगाते हैं जड़ी-बूटी काढ़े का भोग

स्नान पूर्णिमा के अगले दिन तक भगवान विश्राम करते हैं. ऐसा कहा जाता है भगवान को बुखार हो जाता है जिसे उपचार के लिए भोग के रूप में जड़ी-बूटियों से बने मिश्रण और औषधीय काढ़े चढ़ाए जाते हैं, ताकि भगवान जल्दी ठीक हो जाएं. इसलिए रथ यात्रा की तैयारियों से पहले डॉक्टरों की एक विशेष टीम विधिपूर्वक देवता के स्वास्थ्य की जांच करती है.

मेडिकल जांच के बाद भगवान चढ़ाते हैं विशेष रस

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भगवान की मेडिकल जांच मंगलवार को हुई थी जिसमें स्टेथोस्कोप से प्रतीकात्मक भगवान की हार्टबीट चेक की गई. इस पूरे क्षण को कैमरे में कैद कर लिया जो अब इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है. आपको बता दें कि भगवान के मेडिकल टेस्ट के बाद भगवान को भोग के रूप में परवल का रस चढ़ाते हैं.जबकि गुरुवार को शादी अंदाज में खिचड़ी का भोग लगाते हैं. इसी के बाद जौनपुर की सड़कों पर भगवान जगन्नाथ की रस यात्रा निकाली जाती है जिसमें हर साल भक्त हिस्सा लेते हैं.

ये भी पढ़ें:- 62 की मंदाकिनी ने रीक्रिएट किया ‘राम तेरी गंगा मैली’ का पहाड़न लुक, 30 साल पहले हो गईं थी गायब; जानिए आजकल कहां है ये एक्ट्रेस!

MORE NEWS

Home > अजब गजब न्यूज > VIDEO: जब डॉक्टरों ने किया भगवान जगन्नाथ का चेकअप; क्या भगवान भी बीमार होते हैं? जानिए जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी ‘अनसार’ परंपरा के बारे में!

Written By:
Last Updated: July 16, 2026 18:31:05 IST

Mobile Ads 1x1

ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जा रही है. हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होने वाली यह यात्रा इस साल 16 जुलाई को शुरू हो गई है. इसमें भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा विशाल रथों में सवार होकर अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) जाते हैं. देशभर में जगन्नाथ रथ यात्रा के हर्ष में डूबी है. इससे भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी है. इससे जुड़ी तमाम फोटो-वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस बीच एक ऐसा वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है जिसमें भगवान जगन्नाथ की मूर्ति को स्टेतोस्कोप से चेक किया जा रहा है. इस वीडियो पर लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं लेकिन आप इसके पीछे का कारण जानेंगे तो सच में हैरान रह जाएंगे क्योंकि यह घटना कोई इत्तेफाक या गुड्डे-गुड़िया का खेल नहीं है बल्कि सदियों पुरानी ‘अनसार’ धार्मिक परंपरा का हिस्सा है.

भगवान जगन्नाथ का मेडिकल टेस्ट

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में रसमंडल मंदिर में भगवान जगन्नाथ के मेडिकल टेस्ट के दौरान डॉक्टर्स की टीम ने स्टेथोस्कोप से भगवान जगन्नाथ का चेकअप किया. यह एक सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है जिसमें वार्षिक रथ यात्रा निकालने से पहले भगवान जगन्नाथ की हेल्थ को चेक किया जाता है. यह कोई अंधविश्वास या चिकित्सा का मजाक नहीं, बल्कि ‘अनसार’ (Anasara) नाम की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का एक प्रतीकात्मक हिस्सा है.

क्या है यह परंपरा?

इस धार्मिक परंपरा को अनसरा कहते हैं, जिसको लेकर प्रचलित मान्यता है कि हिंदू महीने ज्येष्ठ की पूर्णिमा को पड़ने वाले स्नान पूर्णिमा के दिन 108 कलशों से स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि लंबे समय तक स्नान करने से भगवान को बुखार हो जाता है, इसलिए आषाढ़ के कृष्ण पक्ष में स्नान पूर्णिमा के अगले दिन से अमावस्या तक भगवान जगन्नाथ को भक्तों के दर्शन से दूर रखा जाता है. इस दौरान भक्तों को भगवान का दर्शन करने की अनुमति नहीं होती है.

भगवान को लगाते हैं जड़ी-बूटी काढ़े का भोग

स्नान पूर्णिमा के अगले दिन तक भगवान विश्राम करते हैं. ऐसा कहा जाता है भगवान को बुखार हो जाता है जिसे उपचार के लिए भोग के रूप में जड़ी-बूटियों से बने मिश्रण और औषधीय काढ़े चढ़ाए जाते हैं, ताकि भगवान जल्दी ठीक हो जाएं. इसलिए रथ यात्रा की तैयारियों से पहले डॉक्टरों की एक विशेष टीम विधिपूर्वक देवता के स्वास्थ्य की जांच करती है.

मेडिकल जांच के बाद भगवान चढ़ाते हैं विशेष रस

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भगवान की मेडिकल जांच मंगलवार को हुई थी जिसमें स्टेथोस्कोप से प्रतीकात्मक भगवान की हार्टबीट चेक की गई. इस पूरे क्षण को कैमरे में कैद कर लिया जो अब इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है. आपको बता दें कि भगवान के मेडिकल टेस्ट के बाद भगवान को भोग के रूप में परवल का रस चढ़ाते हैं.जबकि गुरुवार को शादी अंदाज में खिचड़ी का भोग लगाते हैं. इसी के बाद जौनपुर की सड़कों पर भगवान जगन्नाथ की रस यात्रा निकाली जाती है जिसमें हर साल भक्त हिस्सा लेते हैं.

ये भी पढ़ें:- 62 की मंदाकिनी ने रीक्रिएट किया ‘राम तेरी गंगा मैली’ का पहाड़न लुक, 30 साल पहले हो गईं थी गायब; जानिए आजकल कहां है ये एक्ट्रेस!

MORE NEWS