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JEE Main Result 2026 Soon: जेईई मेंस रिजल्ट से पहले बढ़ी धड़कनें, टॉप रैंक के लिए जबरदस्त मुकाबला

JEE Main 2026 का रिजल्ट आज आने की उम्मीद है. 10 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत का नतीजा तय होगा, जहां टॉपर्स फिर नए मानक स्थापित करेंगे.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 20, 2026 17:57:56 IST

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JEE Main Result 2026 Soon: जेईई मेंस 2026 के जनवरी (सेशन 1) और अप्रैल (सेशन 2) में इस बार 10 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया. आज, 20 अप्रैल को रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है, और हर साल की तरह इस बार भी टॉपर्स की घोषणा सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली है. JEE Main सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का रास्ता है. ऐसे में टॉपर्स न केवल सफलता हासिल करते हैं, बल्कि लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा और एक नया मानक भी तय करते हैं.

पिछले कुछ वर्षों में उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ी है. खास बात यह है कि महिला उम्मीदवारों की भागीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है. हालांकि, आंकड़े यह भी बताते हैं कि टॉप रैंक हासिल करने में लड़कियां अभी भी पीछे हैं. वर्ष 2026 के सेशन 1 में हरियाणा की आशी ग्रेवाल ने 99.9969766 परसेंटाइल स्कोर कर सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाली महिला उम्मीदवार के रूप में खुद को स्थापित किया, लेकिन 100 परसेंटाइल से थोड़ा पीछे रह गईं.

100 परसेंटाइल पाने वाली लड़कियां: संख्या अब भी सीमित

वर्ष 2019 से अब तक, JEE Main में केवल 10 लड़कियां ही 100 परसेंटाइल स्कोर कर पाई हैं. इतने बड़े स्तर की परीक्षा में यह संख्या काफी कम मानी जाती है.

साल-दर-साल नजर डालें तो तस्वीर और साफ होती है:
वर्ष 2020: चुक्का तनुजा
वर्ष 2021: काव्या चोपड़ा
वर्ष 2022: स्नेहा पारीख, पल्ली जलजाक्षी
वर्ष 2023: रिद्धि के.के. माहेश्वरी
वर्ष 2024: सांवी जैन, शायना सिन्हा
वर्ष 2025: साई मनोग्ना गुथिकोंडा, देवदत्त माझी

इन आंकड़ों से पता चलता है कि हर साल टॉप करने वाली लड़कियों की संख्या स्थिर नहीं रही कभी एक, कभी दो, तो कभी कोई भी नहीं.

टॉपर्स का फोकस: IIT और कंप्यूटर साइंस

Indian Institutes of Technology (IITs) में दाखिला लगभग हर टॉपर का सपना होता है. खासकर IIT Bombay और IIT Delhi जैसे संस्थानों में कंप्यूटर साइंस ब्रांच सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. ज्यादातर टॉपर्स का लक्ष्य टॉप IIT और टॉप ब्रांच यही रहता है. कुछ छात्र रिसर्च में भी रुचि दिखाते हैं, लेकिन प्राथमिकता अक्सर एक जैसी ही रहती है.

बढ़ती संख्या, लेकिन धीमी प्रगति

महिला उम्मीदवारों की संख्या जरूर बढ़ी है. वर्ष 2019 में जहां लगभग 2.5 लाख लड़कियां परीक्षा में शामिल हुई थीं, वहीं हाल के वर्षों में यह संख्या बढ़कर 3 से 4 लाख तक पहुंच गई है. इसके बावजूद, कुल भागीदारी में उनका प्रतिशत लगभग 30-31% के आसपास ही बना हुआ है.

बदलाव की जरूरत

JEE Main जैसे बड़े मंच पर लड़कियों की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन टॉप स्तर पर उनकी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है. वर्ष 2026 के रिजल्ट के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस साल कोई नई महिला टॉपर इतिहास रचती है या नहीं.

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Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 20, 2026 17:57:56 IST

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JEE Main Result 2026 Soon: जेईई मेंस 2026 के जनवरी (सेशन 1) और अप्रैल (सेशन 2) में इस बार 10 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया. आज, 20 अप्रैल को रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है, और हर साल की तरह इस बार भी टॉपर्स की घोषणा सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली है. JEE Main सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का रास्ता है. ऐसे में टॉपर्स न केवल सफलता हासिल करते हैं, बल्कि लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा और एक नया मानक भी तय करते हैं.

पिछले कुछ वर्षों में उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ी है. खास बात यह है कि महिला उम्मीदवारों की भागीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है. हालांकि, आंकड़े यह भी बताते हैं कि टॉप रैंक हासिल करने में लड़कियां अभी भी पीछे हैं. वर्ष 2026 के सेशन 1 में हरियाणा की आशी ग्रेवाल ने 99.9969766 परसेंटाइल स्कोर कर सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाली महिला उम्मीदवार के रूप में खुद को स्थापित किया, लेकिन 100 परसेंटाइल से थोड़ा पीछे रह गईं.

100 परसेंटाइल पाने वाली लड़कियां: संख्या अब भी सीमित

वर्ष 2019 से अब तक, JEE Main में केवल 10 लड़कियां ही 100 परसेंटाइल स्कोर कर पाई हैं. इतने बड़े स्तर की परीक्षा में यह संख्या काफी कम मानी जाती है.

साल-दर-साल नजर डालें तो तस्वीर और साफ होती है:
वर्ष 2020: चुक्का तनुजा
वर्ष 2021: काव्या चोपड़ा
वर्ष 2022: स्नेहा पारीख, पल्ली जलजाक्षी
वर्ष 2023: रिद्धि के.के. माहेश्वरी
वर्ष 2024: सांवी जैन, शायना सिन्हा
वर्ष 2025: साई मनोग्ना गुथिकोंडा, देवदत्त माझी

इन आंकड़ों से पता चलता है कि हर साल टॉप करने वाली लड़कियों की संख्या स्थिर नहीं रही कभी एक, कभी दो, तो कभी कोई भी नहीं.

टॉपर्स का फोकस: IIT और कंप्यूटर साइंस

Indian Institutes of Technology (IITs) में दाखिला लगभग हर टॉपर का सपना होता है. खासकर IIT Bombay और IIT Delhi जैसे संस्थानों में कंप्यूटर साइंस ब्रांच सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. ज्यादातर टॉपर्स का लक्ष्य टॉप IIT और टॉप ब्रांच यही रहता है. कुछ छात्र रिसर्च में भी रुचि दिखाते हैं, लेकिन प्राथमिकता अक्सर एक जैसी ही रहती है.

बढ़ती संख्या, लेकिन धीमी प्रगति

महिला उम्मीदवारों की संख्या जरूर बढ़ी है. वर्ष 2019 में जहां लगभग 2.5 लाख लड़कियां परीक्षा में शामिल हुई थीं, वहीं हाल के वर्षों में यह संख्या बढ़कर 3 से 4 लाख तक पहुंच गई है. इसके बावजूद, कुल भागीदारी में उनका प्रतिशत लगभग 30-31% के आसपास ही बना हुआ है.

बदलाव की जरूरत

JEE Main जैसे बड़े मंच पर लड़कियों की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन टॉप स्तर पर उनकी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है. वर्ष 2026 के रिजल्ट के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस साल कोई नई महिला टॉपर इतिहास रचती है या नहीं.

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