Deepak Tijori Struggle Story: बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में 90 के दशक के कई सुपरहिट हिंदी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने वाले एक्टर दीपक तिजोरी का शुरूआती जिंदगी काफी संघर्ष और मेहनत से भरी रही है. आज के समय में वह बॉलीवुड का जाना-पहचाना नाम बन गए हैं. लेकिन एक ऐसा समय भी था, जब उन्हें अपने परिवार की मदद के लिए काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी थी. अपने कुछ शुरूआती दिनों में दीपक तिजोरी बांद्रा के एक होटल में रात के दौरान नौकरी करते थे. दिन में वह पढ़ाई करते और डायरेक्टर्स के ऑफिस में चक्कर लगाया करते थे.
‘तिजोरी’ सरनेम की कहानी
दीपक तिजोरी के दादा गुजरात से ताल्लुक रखते थे. वह तिजोरी बनाने का काम वहां किया करते थे. इसी कारण उनके पूरे परिवार का नाम तिजोरीवाला पड़ गया. फिर जजब स्कूल कॉलेज दीपक पहुंचे तो नाम छोटा होकर केवल तिजोरी रह गया है. हालांकि, दीपक के पिता को ये सरनेम पसंद नहीं था. लेकिन दीपक ने इसे अपनी पहचान बना लिया. उनकी मां पारसी ईरानी थीं. उन्होंने अपनी मां से पारसी और बाकी लोगों से गुजराती भाषा सीखी
परिवार के लिए होटल में की नाइट शिफ्ट
दीपक के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक नहीं थी. कम उम्र में ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां संभालना शुरू कर दिया थाय परिवार की मदद करने के लिए उन्होंने बांद्रा के एक होटल में रात की शिफ्ट में नौकरी करनी शुरू की. वह फिल्म दिन निर्माताओं के ऑफिस जाते और काम के लिए ऑडिशन देते थे. बाद में उन्होंने मॉडलिंग करने का मौका मिला. मॉडलिंग से उन्हें कमाई होने लगी और इससे परिवार की आर्थिक मदद हुई. साथ ही उन्हें एक्टिंग के अपने सपने को पूरा करने का हौसला भी मिला.
महेश भट्ट के एक ऑफर ने बदल दी जिंदगी
एक्टिंग में काम पाने के लिए संघर्ष करते हुए दीपक की मुलाकात अवतार गिल के जरिए डायरेक्टर महेश भट्ट से हुई. इसके बाद महेश भट्ट ने उन्हें अपनी फिल्म ‘आशिकी’ में हीरो के दोस्त का रोल ऑफर किया. शुरुआत में दीपक इस रोल को लेकर थोड़े असमंजस में थे. लेकिन महेश भट्ट के समझाने के बाद उन्होंने यह किरदार स्वीकार कर लिया. फिल्म ‘आशिकी’ बड़ी हिट रही और इसके साथ ही दीपक तिजोरी को भी पहचान मिलने लगी. इसके बाद आमिर खान की सलाह पर उन्हें ‘जो जीता वही सिकंदर’ और ‘गुलाम’ जैसी फिल्मों में काम करने का मौका मिला. इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया.
हीरो के दोस्त की छवि से निकलने की कोशिश
लगातार फिल्मों में हीरो के दोस्त का रोल मिलने से दीपक तिजोरी एक समय परेशान हो गए थे. वह अपनी इस छवि को बदलना चाहते थे. इसी कोशिश में उन्होंने ‘पहला नशा’ जैसी फिल्म में अहम भूमिका निभाई. बाद में उन्होंने फिल्मों के साथ टीवी की दुनिया में भी कदम रखा. उन्होंने टीवी प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया और कई सीरियल बनाए. इस तरह दीपक तिजोरी ने अपनी मेहनत, संघर्ष और लगन के दम पर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई.