Kishore Kumar: हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर और सिंगर किशोर कुमार किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. जमाने बीत गए लेकिन किशोर कुमार की गायकी के आज भी लोग काफी दीवाने हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि अक्सर किशोर कुमार को सनकी भी कहा जाता था. हालांकि उनके करीबियों का कहना है कि जिस बात के लिए उन्हें सनकी कहा जाता था, उसके पीछे अक्सर बड़ी वजह होती थी, खासकर तब जब मेहनत की कमाई की बात हो, तो वो कोई समझौता करना पसंद नहीं करते थे. उनकी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा काफी मशहूर है.
‘हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार’
कहा जाता है कि 8 हजार रुपये वसूलने के लिए किशोर कुमार ने अनोखा तरीका अपनाया था. फिल्म ‘मेम साहब’ के लिए निर्माता-निर्देशक आर. सी. तलवार पर किशोर कुमार के 8 हजार रुपये बकाया थे. इसके लिए उन्होंने डायरेक्टर को कई बार याद दिलाया था लेकिन उन्होंने उनके पैसे नहीं दिए थे. इसके कारण किशोर कुमार रोजाना सुबह आर. सी. तलवार के घर पहुंच जाते और ऊंची आवाज में कहते, ‘हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार’. ये सिलसिला तब तक चलता रहा, जब तक उन्हें पूरे पैसे मिल नहीं गए.
‘किशोर से सावधान’
किशोर कुमार की इस तरह की कई बातें हैं. इन हरकतों के कारण बहुत से लोग उन्हें सनकी कहने लगते थे. किशोर कुमार के घर के बाहर एक बोर्ड भी टंगा रहता था, जिस पर ‘Beware of Kishor’ यानी ‘किशोर से सावधान’. इसी बोर्ड से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी काफी मशहूर है. निर्माता-निर्देशक एच. एस. रवैल जब उनका बकाया भुगतान करने पहुंचे, तो किशोर कुमार ने पैसे ले लिए. इसके बाद उन्होंने हाथ मिलाने के लिए किशोर कुमार के सामने हाथ बढ़ाया, तो उन्होंने उनके हाथ में काट लिया था.
‘नो मनी, नो वर्क’
रवैल ने हैरानी से पूछा कि आप ये क्या कर रहे हैं, तो किशोर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या आपने गेट के बाहर बोर्ड नहीं देखा. वहीं किशोर कुमार से जुड़ी एक बात काफी मशहूर थी. उनका ‘नो मनी, नो वर्क’ फॉर्मुला काफी मशहूर था. वो अपनी मेहनत से जुड़े पैसों को लेकर काफी सख्त रहते थे. अगर कोई उनकी मेहनत के पैसे रोक लेता था, तो वो अनोखे और मजाकिया अंदाज में नाराजगी जताते थे. कुछ लोग इसको सनक, तो कुछ मेहनताने के लिए सख्त रवैया कहा करते थे.
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