Lock UPP 2: राम कपूर ने ‘लॉक अप सीजन 2’ में अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया. उन्होंने बताया कि बचपन में उनके साथ हुई एक घटना ने उन्हें लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रभावित किया. राम ने कहा कि इस बारे में उन्होंने पहले कभी खुलकर बात नहीं की थी, लेकिन अब उन्हें लगा कि अपनी कहानी लोगों के सामने रखना जरूरी है.
13 साल की उम्र में हुआ परेशान करने वाला अनुभव
राम कपूर ने बताया कि जब वह करीब 13 साल के थे और बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते थे, तब उनके साथ एक ऐसी घटना हुई जिसे वह आज भी नहीं भूल पाए हैं. उन्होंने कहा कि एक दिन हॉस्टल में सभी बच्चे अपने-अपने बेड पर बैठकर बातें और मस्ती कर रहे थे. उसी दौरान उनसे उम्र में बड़ा एक छात्र उनके पास आया और कंबल के नीचे उन्हें गलत तरीके से छूने लगा. उस समय कमरे में 30 से 40 बच्चे मौजूद थे, लेकिन राम समझ नहीं पाए कि उन्हें क्या करना चाहिए. कुछ देर बाद वह छात्र वहां से चला गया. राम ने कहा कि उस उम्र में वह इतने छोटे थे कि उन्हें पूरी तरह समझ ही नहीं आया कि आखिर उनके साथ क्या हुआ है.
बाद में मांगी माफी, दर्द से उबरने में भी की मदद
राम कपूर ने बताया कि इस घटना के कुछ हफ्तों बाद वही छात्र उनके पास आया और अपनी गलती के लिए माफी मांगी. उसने कई बार अफसोस जताया और कहा कि उसे अपने व्यवहार पर पछतावा है. राम के अनुसार, समय के साथ दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में वे अच्छे दोस्त बन गए. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की वजह से उन्हें यह मानसिक आघात मिला, उसी ने उन्हें उस दर्द से बाहर निकलने में भी काफी मदद की. राम का मानना है कि अगर उस छात्र ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की होती और माफी नहीं मांगी होती, तो शायद उनके लिए इस घटना से उबरना और भी मुश्किल होता.
पत्नी को थी जानकारी, शो में मिला सभी का साथ
राम कपूर ने बताया कि इस घटना के बारे में अब तक सिर्फ उनकी पत्नी गौतमी को ही जानकारी थी. उनके माता-पिता और बच्चों को भी इसके बारे में नहीं पता था. उन्होंने कहा कि इतने साल बाद भी इस घटना को याद करके उन्हें दर्द महसूस होता है, लेकिन अब वह इसे छिपाना नहीं चाहते थे. राम ने यह भी साफ कहा कि इस अनुभव की वजह से उनके मन में LGBTQ समुदाय के लोगों के प्रति किसी तरह की नफरत या डर नहीं है. उनका मानना है कि किसी एक व्यक्ति की गलती के आधार पर पूरे समुदाय को गलत नहीं ठहराया जा सकता. शो के दौरान उनकी बात सुनकर होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान ने उन्हें गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया. दोनों ने कहा कि इतने निजी और दर्दनाक अनुभव को सबके सामने साझा करना आसान नहीं होता और राम ने बहुत हिम्मत दिखाई है.