साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता और निर्देशक के. भाग्यराज का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया. एएनआई के अनुसार, अपोलो अस्पताल ने भाग्यराज के निधन की पुष्टि की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक के भाग्यराज को दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया. वे 73 वर्ष के थे.
कहां हुआ था जन्म?
तमिलनाडु के इरोड जिले में कृष्णास्वामी भाग्यराज के रूप में जन्मे भाग्यराज ने फिल्म उद्योग में अपने सफर की शुरुआत प्रशंसित फिल्म निर्माता भरतिराजा के सहायक के रूप में की, जिसके बाद उन्होंने खुद एक सफल करियर बनाया.
इन फिल्मों में किया काम
के भाग्यराज ने सबसे पहले साल 1997 में फिल्म ’16 वायथिनिले’ में काम किया, जिसमें उन्होंने छोटी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद उन्होंने भारतीराजा की फिल्मों ‘किजहक्के पोगम रेल’ (1978) और ‘टिक टिक टिक’ (1981) के लिए स्क्रिप्ट लिखी. उन्होंने 1979 में ‘सुवरिलाधा चिथिरंगल’ के साथ अपने निर्देशन की शुरुआत की. इसके अलावा उन्होंने भारतीराजा की ‘पुथिया वारपुगल’ में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में भी अपनी शुरुआत की.
कई फिल्मों में निर्देशन और अभिनय किया
के भाग्यराज ने 1980 और 1990 के दशक में तमिल सिनेमा के एक युग को परिभाषित किया. उनकी कुछ सबसे उल्लेखनीय फिल्मों में अंधा 7 नाटकाल (1981), मुंधनै मुदिचु (1983), थूरल निन्नू पोचु (1982), इंदु पोई नालाई वा (1981) और कई अन्य शामिल हैं. भाग्यराज ने 25 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया और 75 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया.
अमिताभ बच्चन की फिल्म का किया निर्देशन
भाग्यराज ने अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘आखिरी रास्ता’ (1986) का निर्देशन करके हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने दोहरी भूमिका निभाई थी, जबकि जया प्रदा, श्रीदेवी और अनुपम खेर ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। भाग्यराज ने भी फिल्म में सहायक भूमिका निभाई थी. बाद में उन्होंने अनिल कपूर और श्रीदेवी अभिनीत फिल्म मिस्टर बेचारा (1996) और कृष्णा कुमार, नगमा और सत्य प्रकाश के साथ फिल्म पापा द ग्रेट (2000) में सहायक भूमिकाएं निभाईं.