गोविंदा का उनकी मां के प्रति प्रेम किसी से नहीं छुपा है. हाल ही में अभिनेता गोविंदा ने अपनी मां निर्मला देवी की मृत्यु के उन पर गहरे प्रभाव के बारे में खुलकर बात की.
गोविंदा ने बताया कि वे शोक से इतने व्याकुल थे कि उन्हें लगा कि वे किसी तरह अपनी मां से दोबारा मिल सकते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उनके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे थे.
मां के निधन से टूट गए थे गोविंदा
निर्मला देवी का निधन 1996 में हुआ था, और गोविंदा ने कहा कि उनकी मृत्यु ने उन्हें बहुत गहरा दुख पहुंचाया. एएनआई से बात करते हुए उन्होंने याद किया, “मुझे बहुत पीड़ा हुई थी. उस समय मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है; बस यही था.” नर्मदा नदी पर हुई घटना को याद करते हुए 62 वर्षीय अभिनेता ने कहा, “मैं नर्मदा नदी पर था. मैंने सोचा कि मैं नदी में थोड़ा और आगे जाऊँगा और शायद अपनी माँ से फिर मिल जाऊँगा. इसलिए, मैं चला गया.” जब उनसे पूछा गया कि क्या उस समय उनके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे थे, तो गोविंदा ने कहा, “कुछ हद तक. मैं अपनी मां से बहुत जुड़ा हुआ था. मैं उनसे बहुत प्यार करता था.”
हालांकि, अभिनेता ने कहा कि वह अपने इस कृत्य को आत्महत्या का प्रयास नहीं मानते. उन्होंने कहा, “दुनिया इसे यही कहती है. लोग आत्महत्या जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. हमारे पास वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है. जीवन कभी समाप्त नहीं होता. यह नए रूप धारण करता है; नए आकार लेता है.” गोविंदा ने यह भी याद किया कि कैसे एक पुजारी, जिसे वह राम कुंडल के नाम से जानते हैं, ने उन्हें नदी में देखा और उन्हें पुकारा. पुजारी उनके पास आए और उन्हें बाहर आने में मदद की. बता दें कि निर्मला देवी एक प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका और अभिनेत्री थीं. उनका निधन 15 जून, 1996 को 69 वर्ष की आयु में हुआ.
गोविंदा के बारे में
गोविंदा 90 के दशक के बड़े सुपरस्टार हैं और उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है. उनकी प्रमुख फिल्मों में स्वर्ग, हीरो नंबर वन, हसीना मान जाएगी, बड़े मियां छोटे मियां जैसी फिल्में हैं. गोविंदा फिलहाल अपनी आगामी फिल्म रूपा का प्रचार कर रहे हैं , जिसमें नवोदित अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार भी हैं.