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Home > देश > झारखंड में छात्रों की जीत! 14वीं JPSC परीक्षा समेत 3 परीक्षाएं होंगी रद्द, पूर्व चेयरमैन पर भी नकेल

झारखंड में छात्रों की जीत! 14वीं JPSC परीक्षा समेत 3 परीक्षाएं होंगी रद्द, पूर्व चेयरमैन पर भी नकेल

झारखंड सरकार ने JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं JPSC प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने की छात्रों की मांग मान ली है. साथ ही JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन्होंने कबूल किया है कि उन्होंने दो करोड़ की रिश्वत ली थी.

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Last Updated: August 9, 2026 17:40:11 IST

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Jharkhand JPSC Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 16 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है. JPSC-JSSC समेत दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों पर सरकार ने सहमति जताई है. तीसरे दौर की बातचीत में सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा समेत तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति दी है.

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं JPSC प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने की छात्रों की मांग मान ली है. हालांकि, अभी दो अन्य गुटों के साथ सरकार की बातचीत होनी बाकी है. इसके बाद पूरे मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

16 दिन से आंदोलन कर रहे थे छात्र

JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. छात्रों की मांग थी कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए. आंदोलन के दौरान छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हुई. तीसरे दौर की बातचीत में सरकार ने छात्रों की कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया. सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि जिन मामलों की जांच CID को सौंपी गई है. इसकी जांच 90 दिनों में पूरी की जाएगी.

TDPL के वित्तीय लेन-देन की ED करेगी जांच

परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मामले में एक और बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL के वित्तीय लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर सहमति जताई है. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान TDPL से जुड़े आर्थिक लेन-देन को लेकर कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं. इसी वजह से छात्रों की मांग पर सरकार ने वित्तीय मामलों की जांच ED से कराने का भरोसा दिया है.

पूर्व JPSC चेयरमैन पर रिश्वतखोरी का आरोप

इसी मामले की जांच के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि JPSC की परीक्षाओं के संचालन का ठेका TDPL को दिलाने के बदले कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग या लेन-देन हुआ. CID की जांच में TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के बयान को अहम माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अभय तिवारी ने जांच एजेंसी के सामने दावा किया कि TDPL को JPSC का काम दिलाने के लिए एल. खियांगते के साथ 2 करोड़ रुपये में सौदा हुआ था. यह भी आरोप है कि भुगतान के बदले 20 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही गई थी।

अभय तिवारी को CID ने किया गिरफ्तार

JPSC मेधा घोटाला मामले में FIR दर्ज होने के बाद CID ने 22 जुलाई को TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को गोड्डा से गिरफ्तार किया था. वह गोड्डा के पोड़ैयाहाट प्रखंड में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के तौर पर भी काम कर रहा था. पूछताछ के दौरान उसके बयान से जांच एजेंसी को कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है.

कंप्यूटर ऑपरेटर की भी हुई गिरफ्तारी

मामले की जांच में मुख्य सचिव के आवासीय कार्यालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार का नाम भी सामने आया। CID ने उसे गिरफ्तार किया है. जांच के मुताबिक, अभय तिवारी ने धर्मेंद्र कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि धर्मेंद्र ने TDPL को JPSC की परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम दिलाने का भरोसा दिया था. इनमें OTR, OMR, एडमिट कार्ड, उपस्थिति रजिस्टर और प्रिंटिंग से जुड़े काम शामिल थे. आरोप है कि इसके बदले धर्मेंद्र कुमार ने 20 से 25 लाख रुपये कमीशन की मांग की थी. इतना ही नहीं, उसने TDPL से जुड़े कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का आश्वासन भी दिया था.

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Last Updated: August 9, 2026 17:40:11 IST

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Jharkhand JPSC Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 16 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है. JPSC-JSSC समेत दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों पर सरकार ने सहमति जताई है. तीसरे दौर की बातचीत में सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा समेत तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति दी है.

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं JPSC प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने की छात्रों की मांग मान ली है. हालांकि, अभी दो अन्य गुटों के साथ सरकार की बातचीत होनी बाकी है. इसके बाद पूरे मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

16 दिन से आंदोलन कर रहे थे छात्र

JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. छात्रों की मांग थी कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए. आंदोलन के दौरान छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हुई. तीसरे दौर की बातचीत में सरकार ने छात्रों की कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया. सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि जिन मामलों की जांच CID को सौंपी गई है. इसकी जांच 90 दिनों में पूरी की जाएगी.

TDPL के वित्तीय लेन-देन की ED करेगी जांच

परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मामले में एक और बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL के वित्तीय लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर सहमति जताई है. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान TDPL से जुड़े आर्थिक लेन-देन को लेकर कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं. इसी वजह से छात्रों की मांग पर सरकार ने वित्तीय मामलों की जांच ED से कराने का भरोसा दिया है.

पूर्व JPSC चेयरमैन पर रिश्वतखोरी का आरोप

इसी मामले की जांच के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि JPSC की परीक्षाओं के संचालन का ठेका TDPL को दिलाने के बदले कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग या लेन-देन हुआ. CID की जांच में TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के बयान को अहम माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अभय तिवारी ने जांच एजेंसी के सामने दावा किया कि TDPL को JPSC का काम दिलाने के लिए एल. खियांगते के साथ 2 करोड़ रुपये में सौदा हुआ था. यह भी आरोप है कि भुगतान के बदले 20 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही गई थी।

अभय तिवारी को CID ने किया गिरफ्तार

JPSC मेधा घोटाला मामले में FIR दर्ज होने के बाद CID ने 22 जुलाई को TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को गोड्डा से गिरफ्तार किया था. वह गोड्डा के पोड़ैयाहाट प्रखंड में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के तौर पर भी काम कर रहा था. पूछताछ के दौरान उसके बयान से जांच एजेंसी को कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है.

कंप्यूटर ऑपरेटर की भी हुई गिरफ्तारी

मामले की जांच में मुख्य सचिव के आवासीय कार्यालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार का नाम भी सामने आया। CID ने उसे गिरफ्तार किया है. जांच के मुताबिक, अभय तिवारी ने धर्मेंद्र कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि धर्मेंद्र ने TDPL को JPSC की परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम दिलाने का भरोसा दिया था. इनमें OTR, OMR, एडमिट कार्ड, उपस्थिति रजिस्टर और प्रिंटिंग से जुड़े काम शामिल थे. आरोप है कि इसके बदले धर्मेंद्र कुमार ने 20 से 25 लाख रुपये कमीशन की मांग की थी. इतना ही नहीं, उसने TDPL से जुड़े कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का आश्वासन भी दिया था.

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