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PSC-JSSC विवाद: 14वीं JPSC की PT रद्द, JSSC CGL पर नहीं बदला फैसला; छात्र बोले, ‘CBI जांच तक जारी रहेगा आंदोलन’

झारखंड में राज्य सरकार की मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द करने का फैसला लिया गया है.

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Last Updated: August 9, 2026 19:59:17 IST

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Jharkhand: झारखण्ड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को एक अहम मोड़ पर पहुंच गया. राज्य सरकार की मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द करने का फैसला लिया गया है.

हालांकि JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने पर सरकार तैयार नहीं हुई है. सरकार ने इसके बजाय इस मामले की रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की बात कही है.

छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से किया इंकार 

सरकार के फैसले के बावजूद छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है. छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग CBI जांच की है. उनका दावा है कि केवल परीक्षा रद्द करने या न्यायिक जांच से पूरा विवाद खत्म नहीं होगा. आंदोलनकारी छात्रों ने ऐलान किया है कि सोमवार को विधानसभा मार्च किया जाएगा.

शनिवार की बैठक के बाद रविवार को फिर हुई वार्ता

छात्रों और सरकार के बीच शनिवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में लंबी बातचीत हुई थी. चार सदस्यीय मंत्रियों की समिति ने अलग-अलग छात्र संगठनों से उनकी मांगें सुनीं. इसके बाद समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से करीब साढ़े तीन घंटे तक बैठक कर छात्रों की मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी दी. रविवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोबारा छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. बातचीत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल रहे.

किन मांगों पर अड़े हैं छात्र?

छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC PT के साथ सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर भी कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, नियमित परीक्षा कैलेंडर और कथित गड़बड़ियों की जांच शामिल है. छात्र पूरे मामले में CBI जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

सरकार की ओर से छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील की गई है. साथ ही परीक्षा सुधारों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से सुझाव मांगे गए हैं. इसके लिए jpsc.jssc.feedback@gmail.com ई-मेल जारी किया गया है. लेकिन फिलहाल छात्रों ने सरकार की अपील स्वीकार नहीं की है. 14वीं JPSC PT रद्द होने के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा और सोमवार को विधानसभा मार्च किया जाएगा. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच अगली बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज होता है

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Jharkhand: झारखण्ड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को एक अहम मोड़ पर पहुंच गया. राज्य सरकार की मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द करने का फैसला लिया गया है.

हालांकि JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने पर सरकार तैयार नहीं हुई है. सरकार ने इसके बजाय इस मामले की रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की बात कही है.

छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से किया इंकार 

सरकार के फैसले के बावजूद छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है. छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग CBI जांच की है. उनका दावा है कि केवल परीक्षा रद्द करने या न्यायिक जांच से पूरा विवाद खत्म नहीं होगा. आंदोलनकारी छात्रों ने ऐलान किया है कि सोमवार को विधानसभा मार्च किया जाएगा.

शनिवार की बैठक के बाद रविवार को फिर हुई वार्ता

छात्रों और सरकार के बीच शनिवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में लंबी बातचीत हुई थी. चार सदस्यीय मंत्रियों की समिति ने अलग-अलग छात्र संगठनों से उनकी मांगें सुनीं. इसके बाद समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से करीब साढ़े तीन घंटे तक बैठक कर छात्रों की मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी दी. रविवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोबारा छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. बातचीत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल रहे.

किन मांगों पर अड़े हैं छात्र?

छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC PT के साथ सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर भी कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, नियमित परीक्षा कैलेंडर और कथित गड़बड़ियों की जांच शामिल है. छात्र पूरे मामले में CBI जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

सरकार की ओर से छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील की गई है. साथ ही परीक्षा सुधारों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से सुझाव मांगे गए हैं. इसके लिए jpsc.jssc.feedback@gmail.com ई-मेल जारी किया गया है. लेकिन फिलहाल छात्रों ने सरकार की अपील स्वीकार नहीं की है. 14वीं JPSC PT रद्द होने के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा और सोमवार को विधानसभा मार्च किया जाएगा. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच अगली बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज होता है

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