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Heat stroke prevention: हीट स्ट्रोक क्या है और यह कैसे ले सकता है आपकी जान? इसके लक्षण और बचाव के अचूक उपाय

हीटस्ट्रोक से बचाव के उपाय: बढ़ती गर्मी और लू के बीच हीट स्ट्रोक एक गंभीर खतरा बन गया है. इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना और सही बचाव करना आपकी जान बचा सकता है. लापरवाही भारी न पड़े, इसलिए सावधानी के ये जरूरी तरीके अभी जानें.

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Last Updated: April 28, 2026 19:35:27 IST

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पूरे देश में तापमान लगातार बढ़ रहा है. लू चलने की संभावना भी काफी बढ़ गई है. ऐसी स्थिति में हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. जिन लोगों का काम पूरा दिन बाहर बिताना और ज़ोरदार शारीरिक मेहनत करना है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उनके लिए डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट) का खतरा बहुत ज़्यादा होता है. अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो हीट स्ट्रोक एक गंभीर और कभी-कभी जानलेवा स्थिति साबित हो सकता है. इसलिए पहले से ही बचाव के उपाय करना बहुत ज़रूरी है. यहां जानें कि हीट स्ट्रोक क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.

हीट स्ट्रोक क्या है?

हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का अंदरूनी तापमान अचानक और बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है. शरीर अपनी गर्मी को नियंत्रित करने और खुद को ठंडा रखने की क्षमता खो देता है. अगर तुरंत इलाज न किया जाए तो यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है.

हीट स्ट्रोक से बचने के आसान उपाय

  • दिन के सबसे गर्म समय (आमतौर पर दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच) में बाहर जाने या ज़ोरदार शारीरिक मेहनत करने से बचें.
  • पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ, भले ही आपको प्यास न लगी हो.
  • कैफीन वाले और मीठे पेय पदार्थों जैसे चाय, कॉफी और सॉफ्ट ड्रिंक्स का ज़्यादा सेवन करने से बचें, क्योंकि इनसे डिहाइड्रेशन हो सकता है.
  • शरीर को ठंडा रखने के लिए ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.
  • अगर आप बाहर काम कर रहे हैं, तो हर 15 से 20 मिनट में छाँव में आराम करें.
  • हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें, और पानी तथा ठंडक देने वाले पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाएँ.

हीट स्ट्रोक के लक्षण और प्राथमिक उपचार

अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें जैसे चक्कर आना, उल्टी होना, तेज बुखार, बेहोशी, या शरीर का तापमान बहुत ज़्यादा होना तो तुरंत ये 
काम करें

  • व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं
  • शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडी पट्टियां लगाएं; खास तौर पर गर्दन, कलाई और पैरों के तलवों पर ध्यान दें
  • धीरे-धीरे ठंडा पानी पीने के लिए दें। जब उनकी हालत में सुधार हो जाए, तो उन्हें हल्के और पानी से भरपूर फल या फलों का जूस दें
  • थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर की गई मदद, लू (हीटस्ट्रोक) से बचाव में बेहद असरदार साबित हो सकती है. इस गर्मी के मौसम में, अपना और अपने आस-पास के लोगों का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है. इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प न मानें. किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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पूरे देश में तापमान लगातार बढ़ रहा है. लू चलने की संभावना भी काफी बढ़ गई है. ऐसी स्थिति में हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. जिन लोगों का काम पूरा दिन बाहर बिताना और ज़ोरदार शारीरिक मेहनत करना है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उनके लिए डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट) का खतरा बहुत ज़्यादा होता है. अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो हीट स्ट्रोक एक गंभीर और कभी-कभी जानलेवा स्थिति साबित हो सकता है. इसलिए पहले से ही बचाव के उपाय करना बहुत ज़रूरी है. यहां जानें कि हीट स्ट्रोक क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.

हीट स्ट्रोक क्या है?

हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का अंदरूनी तापमान अचानक और बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है. शरीर अपनी गर्मी को नियंत्रित करने और खुद को ठंडा रखने की क्षमता खो देता है. अगर तुरंत इलाज न किया जाए तो यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है.

हीट स्ट्रोक से बचने के आसान उपाय

  • दिन के सबसे गर्म समय (आमतौर पर दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच) में बाहर जाने या ज़ोरदार शारीरिक मेहनत करने से बचें.
  • पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ, भले ही आपको प्यास न लगी हो.
  • कैफीन वाले और मीठे पेय पदार्थों जैसे चाय, कॉफी और सॉफ्ट ड्रिंक्स का ज़्यादा सेवन करने से बचें, क्योंकि इनसे डिहाइड्रेशन हो सकता है.
  • शरीर को ठंडा रखने के लिए ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.
  • अगर आप बाहर काम कर रहे हैं, तो हर 15 से 20 मिनट में छाँव में आराम करें.
  • हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें, और पानी तथा ठंडक देने वाले पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाएँ.

हीट स्ट्रोक के लक्षण और प्राथमिक उपचार

अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें जैसे चक्कर आना, उल्टी होना, तेज बुखार, बेहोशी, या शरीर का तापमान बहुत ज़्यादा होना तो तुरंत ये 
काम करें

  • व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं
  • शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडी पट्टियां लगाएं; खास तौर पर गर्दन, कलाई और पैरों के तलवों पर ध्यान दें
  • धीरे-धीरे ठंडा पानी पीने के लिए दें। जब उनकी हालत में सुधार हो जाए, तो उन्हें हल्के और पानी से भरपूर फल या फलों का जूस दें
  • थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर की गई मदद, लू (हीटस्ट्रोक) से बचाव में बेहद असरदार साबित हो सकती है. इस गर्मी के मौसम में, अपना और अपने आस-पास के लोगों का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है. इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प न मानें. किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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