भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिका (रुक्मिणी मल्लिक) और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को चुनावी मैदान में उतारा है.
कोयल मल्लिक कौन हैं?(Who is Koel Mallick)
कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) बंगाली सिनेमा की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ हैं. वे बंगाली फिल्मों के जाने-माने अभिनेता रंजीत मल्लिका की बेटी हैं.साल 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा का टिकट दिया था. इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद के रूप में शपथ ली थी. हालांकि, संसद सदस्य बनने के महज कुछ महीनों बाद ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
तृणमूल से इस्तीफा और बीजेपी में शामिल होना
तृणमूल कांग्रेस की सांसद रहने के दौरान उन्होंने संसद की कार्यवाही में एक दिन भी हिस्सा नहीं लिया था.मई 2026 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी हलचल शुरू हो गई. इसी माहौल के बीच जुलाई में मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले कोयल मल्लिका ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. राज्यसभा छोड़ने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया.
कौन हैं दिनेश आर्य(Who is Dinesh Arya)
दिनेश आर्य लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हुए हैं. साल 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नैनीताल सीट से पार्टी के टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी. उस दौरान उन्होंने बताया था कि वे 2002 से बीजेपी में लगातार सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.
इसके अलावा, बीजेपी सरकार के दौरान वे ‘राज्य पेयजल अनुश्रवण समिति’ (State Drinking Water Monitoring Committee) के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. साथ ही, उन्होंने बीजेपी के ‘अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा’ में राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाली हैं.
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?
पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव इसलिए आयोजित किया जा रहा है क्योंकि कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) ने 16 जुलाई 2026 को इस सीट से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था.
कोयल मल्लिक जुलाई 2026 में इस्तीफा देने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चौथी राज्यसभा सांसद बनीं. उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक भी राज्यसभा से त्यागपत्र दे चुके थे. ये तीनों नेता बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे और दोबारा चुने गए थे.
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद शुरू हुआ था. चुनाव के बाद ऋतव्रत बनर्जी 57 विधायकों के समर्थन से नेता प्रतिपक्ष बने, जिसके बाद टीएमसी के कई विधायक और सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी-एनडीए के साथ आ गए.
कब होंगे चुनाव?
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए नियमित चुनाव और पश्चिम बंगाल की 1 सीट के लिए उपचुनाव 16 अक्टूबर को होंगे. वोटिंग सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगी, और उसी दिन शाम को मतगणना की जाएगी. उत्तराखंड से मौजूदा बीजेपी राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल इस साल नवंबर में समाप्त हो रहा है.