Raghu Rai Death News: भारतीय फोटोग्राफर रघु राय, जिन्हें देश में फोटो पत्रकारिता का अगुआ माना जाता है, का रविवार को दो साल से चल रहे कैंसर के बाद निधन हो गया.
वे 83 वर्ष के थे. राय के बेटे ने बताया कि उनके पिता को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था, लेकिन वे उससे उबर गए थे. बाद में कैंसर उनके पेट में फैल गया और उनका दोबारा इलाज चल रहा था.
भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता का ‘जनक’
बता दें कि रघु राय को भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता का ‘जनक’ माना जाता था. पांच दशक से अधिक के करियर में उन्होंने भारत और दुनिया की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया. उनके द्वारा ली गई तस्वीरों को महज फोटोज नहीं बल्कि इतिहास का जीवंत दस्तावेज माना जाता है. उनके योगदान के लिए 1971 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री प्रदान किया.
उनकी सबसे चर्चित तस्वीरों में से एक भोपाल गैस त्रासदी के बाद की एक तस्वीर है. इस तस्वीर ने लोगों को अंदर तक हिलाक्र रख दिया था. इस फोटो में एक मासूम बच्चे का निर्जीव शरीर दिखता है. इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान इस त्रासदी की ओर खींचा और कॉरपोरेट जिम्मेदारी पर वैश्विक बहस छेड़ दी थी. भोपाल गैस त्रासदी के अलावा रघु राय ने भारत की कई प्रमुख हस्तियों को भी अपने कैमरे में उतारा है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ काफी लंबे समय तक काम किया. रघु राय ने उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण क्षणों को अपने कैमरे में कैद किया. साथ ही मदर टेरेसा पर उनकी फोटोग्राफी भी बेहद प्रसिद्ध हुई थी. मदर टेरेसा के संत घोषित होने से पहले ही रघु राय ने ‘Saint Mother’ के नाम से उन पर एक किताब प्रकाशित की थी.
पाकिस्तान में हुआ था जन्म
रघु राय का जन्म 1942 में अविभाजित भारत के झंग (अब पाकिस्तान) में हुआ था. विभाजन के बाद उनके माता-पिता भारत आ गए. रघु राय ने 1962 में फोटोग्राफी को अपना करियर बनाया. उन्होंने ‘द स्टेट्समैन’ से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में ‘इंडिया टुडे’ के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे. उल्लेखनीय है कि वह दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फोटोग्राफी संस्था ‘मैग्नम फोटोज’ के सदस्य बनने वाले शुरुआती भारतीयों में से एक थे. उन्होंने अपने जीवन में 18 से अधिक किताबें लिखीं हैं.