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अतीक अहमद के परिवार में किस किस की मौत, कौन कौन जेल में और कौन फरार? जानें अपराधी कुनबे की पूरी कहानी

Atiq Ahmed Family Tree: झांसी सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत हो गई. वह जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था. जानिए अतीक परिवार की पूरी कहानी.

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Last Updated: 2026-08-06 14:44:21

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Atiq Ahmed Family Tree: उत्तर प्रदेश का माफिया डॉन अतीक अहमद के परिवार का बुरा दौर शुरू हो चुका है. कभी प्रयागराज में जिस नाम से लोग खौफ खाया करते थे, आज उसी अतीक अहम के परिवार के सदस्य एक-एक कर मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं. परिवार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है. गुरूवार, 6 अगस्त को झांसी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की मौत हो गई. वह जेल में अपने भाई से मिलने जा रहा था. तभी सड़क हादसे में उसकी जान चली गई. कभी अपराध की दुनिया में अपना दबदबा रखने वाला परिवार आज बिखरता हुआ नजर आ रहा है. तांगेवाले के बेटे से माफिया डॉन बनने और फिर पूरे परिवार के खात्मे की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. आइए जानते हैं उसके खौफ, अंत और परिवार के बचे सदस्यों की पूरी कहानी.

17 साल की उम्र में जुर्म की दुनिया में रखा कदम

अतीक अहमद के पिता हाजी फिरोज इलाहाबाद में तांगा चलाते थे. अतीक का पढ़ाई में मन नहीं लगता था, इसलिए उसने बीच में ही स्कूल छोड़ दिया. जल्दी अमीर बनने की चाहत में उसने अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया. साल 1979 में, सिर्फ 17 साल की उम्र में अतीक पर हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ. उस समय इलाहाबाद में चांद बाबा नाम के गैंगस्टर का काफी दबदबा था. बताया जाता है कि चांद बाबा की हत्या के बाद अतीक का नाम तेजी से उभरा और वह शहर के बड़े अपराधियों में गिना जाने लगा.

राजनीति में ली एंट्री 

अपराध की दुनिया में छाने के बाद अतीक अहमद ने राजनीति में एंट्री ली. साल 1989 में उसने अपना पहला इलाहाबाद पश्चिमी सीट से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा और खौफ से चुनाव भी जीत लिया. इसके बाद वह लगातार 5 बार विधायक रहे. साल 2005 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर उन्होंने फूलपुर लोकसभा सीट भी अपने नाम कर सांसद बन गए. उनके खिलाफ हत्या और रंगदारी समेत 100 से अधिक केस दर्ज थे. लेकिन कोई अतीक के खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं था. 

राजू पाल हत्याकांड से शुरू हुआ खात्मा 

अतीक अहमद के सांसद बनने के बाद इलाहाबाद पश्चिमी की विधानसभा सीट खाली हो गई. अतीक ने वहां से अपने भाई अशरफ को चुनाव में खड़ा किया. लेकिन बसपा के राजूपाल ने उन्हें हरा दिया. अतीक ने गुस्से में दिन दहाड़े 25 जनवरी 2005 को दिनदहाड़े विधायक राजू पाल को भून दिया. इस केस का मुख्य गवाह उमेश पाल था. सालों तक वह अतीक के खिलाफ रहा. अतीक उस दौरान जेल तक गया, लेकिन उसका नेटवर्क बाहर उसका दबदबा बनाए हुए था. 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या कर दी. जिसके बाद यूपी की सियासत में बवाल मच गया. सीएम योगी ने माफियाओं को खत्म करने की बात कह डाली. इसके बाद यूपी पुलिस का एक्शन शुरु हुआ. 

ये भी पढ़ें: BCCI Secretary vs Selector: अजीत अगरकर या देवजीत सैकिया, बोर्ड किसको देता है ज्यादा सैलरी? कमाई में कितना अंतर

परिवार के खात्मे की शुरूआत 

13 अप्रैल 2023 को उमेस पाल हत्याकांड में शामिल अतीक के तीसरे बेटे असद का झांसी में एनकाउंटर किया गया. इसके बाद 15 अप्रैल 2023 को बेटे को सुपुर्द-ए-खाक  करने के बाद  मीडिया के कैमरों के सामने पुलिस हिरासत में अतीक और उसके भाई अशरफ को तीन लोगों ने गोलियों से भून दिया. 

किन-किन लोगों की हुई मौत

अतीक अहमद – अप्रैल 2023 में प्रयागराज में गोली मारकर हत्या.
अशरफ अहमद – अतीक के साथ ही अप्रैल 2023 में हत्या.
असद अहमद – अप्रैल 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मौत.
अबान अहमद – अगस्त 2026 में झांसी के पास सड़क हादसे में मौत.

जेल में कौन-कौन?

अली अहमद  – आपराधिक मामलों में जेल में बंद.
उमर अहमद – आपराधिक मामलों में जेल में बंद.

परिवार में कौन-कौन बचा है?

शाइस्ता परवीन – अतीक की पत्नी

उमेश पाल मर्डर केस के बाद से ही शाइस्ता फरार है. पुलिस उसे ढूंढ रही है और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी है. लेकिन अब तक पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है.

अहजाम – अतीक का चौथा बेटा

माता-पिता के फरार होने और मारे जाने के बाद अहजाम को बाल सुधार गृह में रखा गया था. बाद में उसे अतीक की बहन यानी बुआ को दे दिया गया.

ये भी पढ़ें: आज का मौसम: यूपी समेत भारत के 17 राज्यों में बारिश से हाहाकार,IMD ने जारी किया ऐसा अलर्ट; कांप गए लोग

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Last Updated: 2026-08-06 14:44:21

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Atiq Ahmed Family Tree: उत्तर प्रदेश का माफिया डॉन अतीक अहमद के परिवार का बुरा दौर शुरू हो चुका है. कभी प्रयागराज में जिस नाम से लोग खौफ खाया करते थे, आज उसी अतीक अहम के परिवार के सदस्य एक-एक कर मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं. परिवार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है. गुरूवार, 6 अगस्त को झांसी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की मौत हो गई. वह जेल में अपने भाई से मिलने जा रहा था. तभी सड़क हादसे में उसकी जान चली गई. कभी अपराध की दुनिया में अपना दबदबा रखने वाला परिवार आज बिखरता हुआ नजर आ रहा है. तांगेवाले के बेटे से माफिया डॉन बनने और फिर पूरे परिवार के खात्मे की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. आइए जानते हैं उसके खौफ, अंत और परिवार के बचे सदस्यों की पूरी कहानी.

17 साल की उम्र में जुर्म की दुनिया में रखा कदम

अतीक अहमद के पिता हाजी फिरोज इलाहाबाद में तांगा चलाते थे. अतीक का पढ़ाई में मन नहीं लगता था, इसलिए उसने बीच में ही स्कूल छोड़ दिया. जल्दी अमीर बनने की चाहत में उसने अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया. साल 1979 में, सिर्फ 17 साल की उम्र में अतीक पर हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ. उस समय इलाहाबाद में चांद बाबा नाम के गैंगस्टर का काफी दबदबा था. बताया जाता है कि चांद बाबा की हत्या के बाद अतीक का नाम तेजी से उभरा और वह शहर के बड़े अपराधियों में गिना जाने लगा.

राजनीति में ली एंट्री 

अपराध की दुनिया में छाने के बाद अतीक अहमद ने राजनीति में एंट्री ली. साल 1989 में उसने अपना पहला इलाहाबाद पश्चिमी सीट से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा और खौफ से चुनाव भी जीत लिया. इसके बाद वह लगातार 5 बार विधायक रहे. साल 2005 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर उन्होंने फूलपुर लोकसभा सीट भी अपने नाम कर सांसद बन गए. उनके खिलाफ हत्या और रंगदारी समेत 100 से अधिक केस दर्ज थे. लेकिन कोई अतीक के खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं था. 

राजू पाल हत्याकांड से शुरू हुआ खात्मा 

अतीक अहमद के सांसद बनने के बाद इलाहाबाद पश्चिमी की विधानसभा सीट खाली हो गई. अतीक ने वहां से अपने भाई अशरफ को चुनाव में खड़ा किया. लेकिन बसपा के राजूपाल ने उन्हें हरा दिया. अतीक ने गुस्से में दिन दहाड़े 25 जनवरी 2005 को दिनदहाड़े विधायक राजू पाल को भून दिया. इस केस का मुख्य गवाह उमेश पाल था. सालों तक वह अतीक के खिलाफ रहा. अतीक उस दौरान जेल तक गया, लेकिन उसका नेटवर्क बाहर उसका दबदबा बनाए हुए था. 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या कर दी. जिसके बाद यूपी की सियासत में बवाल मच गया. सीएम योगी ने माफियाओं को खत्म करने की बात कह डाली. इसके बाद यूपी पुलिस का एक्शन शुरु हुआ. 

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परिवार के खात्मे की शुरूआत 

13 अप्रैल 2023 को उमेस पाल हत्याकांड में शामिल अतीक के तीसरे बेटे असद का झांसी में एनकाउंटर किया गया. इसके बाद 15 अप्रैल 2023 को बेटे को सुपुर्द-ए-खाक  करने के बाद  मीडिया के कैमरों के सामने पुलिस हिरासत में अतीक और उसके भाई अशरफ को तीन लोगों ने गोलियों से भून दिया. 

किन-किन लोगों की हुई मौत

अतीक अहमद – अप्रैल 2023 में प्रयागराज में गोली मारकर हत्या.
अशरफ अहमद – अतीक के साथ ही अप्रैल 2023 में हत्या.
असद अहमद – अप्रैल 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मौत.
अबान अहमद – अगस्त 2026 में झांसी के पास सड़क हादसे में मौत.

जेल में कौन-कौन?

अली अहमद  – आपराधिक मामलों में जेल में बंद.
उमर अहमद – आपराधिक मामलों में जेल में बंद.

परिवार में कौन-कौन बचा है?

शाइस्ता परवीन – अतीक की पत्नी

उमेश पाल मर्डर केस के बाद से ही शाइस्ता फरार है. पुलिस उसे ढूंढ रही है और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी है. लेकिन अब तक पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है.

अहजाम – अतीक का चौथा बेटा

माता-पिता के फरार होने और मारे जाने के बाद अहजाम को बाल सुधार गृह में रखा गया था. बाद में उसे अतीक की बहन यानी बुआ को दे दिया गया.

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