Chirag Paswan: सोमवार 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ‘वी वुमन वांट कॉन्क्लेव और शक्ति अवार्ड्स 2026’ का आगाज हो चुका है. इस प्रोग्राम में कई एक्ट्रेस, खिलाड़ी और राजनीति से जुड़ी महिलाओं के साथ ही देश में बदलाव का काम करने वाली शख्सियत शामिल हुईं. इसी प्रोग्राम में बिहार के नेता और लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया चिराग पासवान भी शामिल हुए. कार्यक्रम में उन्होंने बिहार की महिलाओं की तारीफों के पुल बांधे. साथ ही उन्होंने अपने बारे में भी कुछ बातों की जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मैं जिस राज्य से आता हूं, वहां महिलाएं आगे बढ़कर आ रही हैं.
‘हम कौन होते हैं…’
चिराग पासवान ने बिहार की महिलाओं की तारीफ की. इसी बीच उन्होंने कहा कि मुझे ये समझ में नहीं आता कि हम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं लेकिन मैं ये नहीं जानता कि हमारे अंदर ये घमंड कहां से आया कि हम महिलाओं को सशक्त करेंगे. हम कौन होते हैं, उन्हें सशक्त करने वाले. मैं तो अपने आसपास की महिलाओं से सशक्त होता हूं. मेरी मां मुझे हिम्मत देती हैं. मेरी बहन मुझे सही रास्ते के लिए गाइड करती है.
महिलाओं का योगदान
महिलाओं के योगदान की बात करें, तो महिलाएं घर का ध्यान रखती हैं. बाहर भी काम करती हैं. वे दोनों जगहों का सही ढंग से ध्यान रखती हैं. उनके योगदान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. इसके बाद उनसे महिला आरक्षण पर बात करते हुए कहा कि पुरुष प्रधान सोच वाले समाज में जो लोग हैं, उनके कारण हम लोगों को नारी शक्ति विधेयक को लाने की जरूरत पड़ी. महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा समावेश और भागीदारी उन लोगों ने देनी नहीं चाही, जिन्हें अपना साम्राज्य खोने का डर लगता था इसलिए हमें इसकी जरूरत पड़ी.
सदन में 33 फीसदी महिला आरक्षण पर क्या बोले चिराग?
उन्होंने कहा कि मैं नारी शक्ति विधेयक का समर्थन करता हूं क्योंकि अगर सदन में 33 फीसदी महिलाएं आएंगी, तो संसद में मानवता और ममता बढ़ेगी. हार्डकोर विधेयकों में इंसानियत दिखेगी. कई बार वे जिस नजरिए से सोचती हैं, हम उसे सोच भी नहीं पाते. इससे चर्चा का स्तर बढ़ेगा. उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी रिजर्वेशन के ही मेरी पार्टी में 40 फीसदी महिलाएं हैं. 05 में से मेरे पास तीन महिला नेता हैं. युवाओं की बात करें, तो 04 युवा हैं. हम बिना किसी रिजर्वेशन ही MY समीकरण से चल रहे हैं.
पीएम ने महिलाओं को आगे बढ़ने में की मदद
हर सेक्टर और मिनिस्ट्री में महिलाओं को ज्यादा चांस मिलना चाहिए. हमारी सरकार में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के स्तर पर भी काफी मदद की जा रही है. प्रधानमंत्री महिलाओं को काम करने ही नहीं, काम देने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहे हैं. हम उनके बिजनेस के लिए उनकी पूरी मदद करते हैं. हम हमारे देश की महिलाओं को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
बिहार में महिलाओं की भागीदारी
उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान देश में महिलाओं को दबाकर रखने की कोशिश की जाती है लेकिन ये संभव नहीं हो पाता. मैं जिस राज्य से आता हूं, वहां की महिलाओं को लेकर परसेप्शन रहता है कि वो घरों में ज्यादा रहती हैं और वो ज्यादा भागीदार नहीं रहतीं. मैं कहना चाहता हूं कि मेरे राज्य में महिलाओं का भागीदारी जितना ज्यादा है, वो काबिल-ए-तारीफ है.
जीविका ग्रुप की महिलाओं ने गाड़े झंडे
बिहार पुलिस में देख लीजिए. सीएम के कार्यक्रम में ज्यादातर महिलाओं को ही सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी जाती है. जीविका ग्रुप में महिलाओं ने जिम्मेदारी निभाई और इसे दूसरे राज्यों तक फैला रहे हैं. मेरा राज्य कभी पीछे नहीं रहा, महिलाओं ने हमेशा आगे बढ़कर हिस्सा लिया है. उन्हें हमारे साथ और सहयोग की जरूरत नहीं है. वे खुद अपने पैर पर खड़ी होने में सक्षम हैं. वे हमें पैरों पर खड़े होना सिखाती हैं.
अपने बारे में क्या बोले चिराग?
उन्होंने अपने बारे में कुछ बात करते हुए कहा कि वे स्कूल में अच्छे छात्र थे. वे बचपन से पढ़ना पसंद करते थे. स्कूल में उनकी 100 फीसदी उपस्थिति रहती थी. मुझे बास्केट बॉल का शौक था, जिसके लिए स्कूल में टाइम मिलता था और अब नहीं मिल पाता. उन्होंने अपनी फेवरेट फिल्म की बात करते हुए बताया कि उन्हें रंग दे बसंती फिल्म पसंद है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को एक बार बिहार जरूर घूमना चाहिए.