वन्यजीव संरक्षण संगठन ‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ पर मध्य प्रदेश में तेंदुओं के कथित शिकार और उनकी खालों की तस्करी करने वाले नेटवर्क से गठजोड़ का कथित आरोप लगा है. इस बीच India News को ‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ का एक लेटर प्राप्त हुआ है, जिसमें NGO ने अपनी बात रखी है.
पत्र में क्या लिखा है?
बता दें कि देश के 19 राज्यों में पिछले 32 से ज्यादा सालों तक काम करने और अलग-अलग वन विभागों की मदद से 5,31,000 से अधिक जानवरों को बचाने का दावा करने वाली Wildlife SOS की स्थापना 1995 में कार्तिक सत्यनारायण और गीता शेषमणि ने की थी. संगठन विभिन्न राज्यों में सरकारों के साथ समझौता ज्ञापनों के जरिए वन्यजीव बचाव केंद्र संचालित करता है.