Dubai Metro: दुबई अपनी ऊंची इमारतों और चमचमाती सड़कों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है लेकिन अब शहर के विकास की एक नई कहानी जमीन के नीचे लिखी जाने वाली है. दुबई ने 42 किलोमीटर लंबी गोल्ड मेट्रो लाइन को मंजूरी दे दी है. खास बात यह है कि इस पूरे कॉरिडोर को अंडरग्राउंड बनाया जाएगा. यानी शहर के नीचे सुरंगों का ऐसा नेटवर्क तैयार होगा, जो दुबई के कई प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ देगा.
42 KM की लाइन में होंगे 18 स्टेशन
नई गोल्ड लाइन में कुल 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह कॉरिडोर अल घुबैबा से जुमेराह गोल्फ एस्टेट्स तक जाएगा. इसके रास्ते में मीना राशिद, सिटी वॉक, बिजनेस बे, मेदान, नाद अल शेबा, जेवीसी और अल बरशा साउथ जैसे महत्वपूर्ण इलाके आएंगे. यह लाइन मौजूदा रेड और ग्रीन लाइन से जुड़ेगी. साथ ही इसे एतिहाद रेल नेटवर्क से भी कनेक्ट करने की योजना है. इसके पूरा होने के बाद दुबई का मेट्रो नेटवर्क इसे रेड लाइन और ग्रीन लाइन से जोड़ा जाएगा. इसके बाद ये नेटवर्क लगभग 162 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा.
2032 तक पूरा करने का लक्ष्य
गोल्ड लाइन का टेंडर 2026 में जारी होने की उम्मीद है. वहीं 2027 में इसका कॉन्ट्रैक्ट दिया जा सकता है. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। परियोजना को 9 सितंबर 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस बीच दुबई की ब्लू लाइन पर भी काम जारी है, जिसके 2029 तक तैयार होने की उम्मीद है. दोनों नई लाइनों के जुड़ने से शहर के मेट्रो नेटवर्क में करीब 80 फीसदी तक विस्तार हो सकता है.
बढ़ सकती हैं प्रॉपर्टी की कीमतें
इस प्रोजेक्ट का असर सिर्फ ट्रांसपोर्ट पर नहीं पड़ेगा. RTA के मुताबिक, नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में 15 से 30 फीसदी तक इजाफा हो सकता है. गोल्ड लाइन की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी लागत है. अनुमान के मुताबिक, इस 42 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड कॉरिडोर पर लगभग 86,816 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं. तुलना करें तो दिल्ली मेट्रो के पहले तीन फेज की कुल लागत 70,433 करोड़ रुपये रही है. यानी दुबई की सिर्फ 42 KM गोल्ड लाइन पर खर्च होने वाला अनुमानित बजट दिल्ली मेट्रो के तीन फेज की कुल लागत से भी ज्यादा है.
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