First Love Jihad Case Of India: भारत में लगातार लव जिहाद के मामले सामने आ रहे थे. लव जिहाद तब ज्यादा चर्चाओं में आया जब जाकिर नाईक लोगों का ब्रेनवाश कर उनसे इस्लाम कुबूल करवाता था. वहीं इसके बाद धीरे धीरे लव जिहाद के मामले बढ़ने लगे छांगुर बाबा ने भी यूपी में सनसनी मचा दी थी. ये शख्स भी अपने कुछ लड़कों को हिंदू लड़कियों को प्यार में फ़साने की ट्रेनिंग देता था और उसके बाद हिंदू लड़कियों को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करता था. लेकिन आज हम आपको बताने वाले हैं कि भारत में लव् जिहाद कब से शुरू हुआ और सबसे पहले प्यार के नाम पर इस्लाम किसने अपनाया?
देश का पहला लव जिहाद का मामला
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश का पहला ‘लव जिहाद’ मामला 2009 में केरल से सामने आया था. इस केस को ‘हदिया केस’ के नाम से भी जाना जाता है. ये मामला काफी चर्चाओं में रहा और इतना ज्यादा विवाद बढ़ गया कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. लेकिन, लड़की हदिया की इच्छाओं का सम्मान करते हुए, कोर्ट ने उसे अपनी मर्ज़ी से जीवनसाथी चुनने के अधिकार को सही ठहराया था. इसके बावजूद, उस मुस्लिम युवक के साथ दो साल तक शादीशुदा रहने के बाद, हदिया ने तलाक ले लिया. उसके बाद उसने एक अन्य मुस्लिम युवक से शादी कर ली और फिलहाल वह अपना जीवन व्यतीत कर रही है. आइए इस मामले की पूरी जानकारी देखें:
साल 2009 में कुछ हिंदू और ईसाई संगठनों ने इस बात का आरोप लगाया कि मुस्लिम लड़के, हिंदू या ईसाई महिलाओं को प्यार के जाल में फंसाकर उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करते हैं. बताया जाता है कि इस तरह की घटना की शुरुआत 2007 में केरल में हुई थी. शुरू में इसे रोमियो जिहाद के नाम से जाना गया. फिर 2009 में, केरल हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच के आदेश दिए; लेकिन, 2012 में पुलिस ने साफ किया कि “लव जिहाद” नाम की कोई भी साज़िश असल में मौजूद नहीं है. इसके बाद, यह शब्द और इससे जुड़ा विवाद पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया.
अखिला अशोकन बनी हदिया
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हदिया केस को शफीन जहान बनाम अशोकन के.एम.के नाम से भी जाना जाता है. इन्होने 2017–2018 के दौरान पूरे भारत में लोगों का काफी ध्यान खींचा. यह मामला केरल की एक होम्योपैथी छात्रा, अखिला अशोकन पर केंद्रित था, जिसने बाद में हदिया नाम अपना लिया था. इस कानूनी विवाद में शफीन जहान नाम का एक युवा मुस्लिम पुरुष शामिल था. अखिला का जन्म केरल के वैकोम में एक हिंदू परिवार में हुआ था; उसके पिता, के.एम. अशोकन, एक रिटायर्ड फौजी थे. तमिलनाडु के सेलम में शिवराज होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान, अखिला अपनी सहेलियों, फसीना और जसीला से प्रभावित हुई; नतीजतन, उसने 2016 में इस्लाम अपना लिया और हदिया नाम रख लिया.