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IIT खड़गपुर से जुड़ी हैं Google के CEO की ‘हैप्पी मेमोरीज’; सुंदर पिचई ने खुद किया खुलासा, ‘यहीं मेरी पत्नी से पहली मुलाकात…’

हाल ही में गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने IIT खड़गपुर के 75 साल पूरे होने पर एक वीडियो संदेश में कहा कि कैंपस ही वह जगह है जहां वो पहली बार अपनी पत्नी अंजली से मिले थे और पहली बार प्रोग्रामिंग सीखे.

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Last Updated: September 3, 2026 13:19:11 IST

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गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष वीडियो संदेश शेयर किया. कैंपस में बिताई अपनी सुखद यादों को साझा करने से लेकर गूगल तक के अपने सफर में आईआईटी खड़गपुर की भूमिका को श्रेय देने तक, पिचाई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), एआई की प्रगति में छात्रों की भूमिका और अन्य विषयों पर बात की.

सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज के जरिये दिया संदेश 

सुंदर पिचई ने IIT खड़गपुर के 75 साल पूरे होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया और इस संस्थान से जुड़े अपने अनुभव शेयर किये. उन्होंने अपने वीडियो में कहा, 

“आईआईटी खड़गपुर समुदाय को नमस्कार: छात्रों, संकाय सदस्यों और दुनिया भर में फैले मेरे साथी पूर्व छात्रों. आईआईटी खड़गपुर की उत्कृष्टता के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने में सहयोग करना मेरे लिए एक विशेष सौभाग्य है. एक छात्र के रूप में मेरी कई सुखद यादें हैं: हैरी के रेस्तरां में भोजन से लेकर इलू उत्सव तक, बी308 में पढ़ाई करते हुए बिताई गई रातों तक, सहपाठियों के साथ बनी दोस्ती तक और उन प्रोफेसरों तक जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी.”

उन्होंने आगे कहा, “कैंपस ही वह जगह है जहां मैं अपनी पत्नी अंजली से मिला, जहां मैंने पहली बार प्रोग्रामिंग सीखी, और जहां मुझे कंप्यूटर का उपयोग करने के कुछ शुरुआती अवसर मिले, जब मैं कैंपस में फ्लॉपी डिस्क लेकर घूमता था. ये क्षण मेरे जीवन की दिशा तय करते हैं, मुझे गूगल की राह पर ले जाते हैं, और अधिक से अधिक लोगों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने में मदद करते हैं. इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करना वास्तव में एक उपहार है.” पिचाई ने कहा कि संस्थान के कई स्नातकों ने भारत और विश्व पर गहरा प्रभाव डाला है. उन्होंने कहा, “आईआईटी खड़गपुर ने उस दृष्टिकोण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसके माध्यम से मैं दुनिया पर प्रभाव डालने का प्रयास करता हूं.”

IIT खड़गपुर ने जताया आभार 

पिचाई के संदेश का जवाब देते हुए, आईआईटी खड़गपुर ने कहा, “आईआईटी खड़गपुर उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है, ऐसे में हमें अपने विशिष्ट पूर्व छात्र, गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई से एक विशेष संदेश प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जो इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है. उनका संदेश आईआईटी पारिस्थितिकी तंत्र के स्थायी वैश्विक प्रभाव और जीवन को बदलने और भविष्य को आकार देने के लिए शिक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी की शक्ति को दर्शाता है.”

संस्थान ने आगे कहा, “अपनी उल्लेखनीय विरासत का जश्न मनाते हुए, हम नए सिरे से महत्वाकांक्षा के साथ आगे देख रहे हैं- विचारों को पोषित करने, पीढ़ियों को प्रेरित करने और ऐसे समाधान तैयार करने के लिए जो भारत और दुनिया में बदलाव ला सकें.” 

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गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष वीडियो संदेश शेयर किया. कैंपस में बिताई अपनी सुखद यादों को साझा करने से लेकर गूगल तक के अपने सफर में आईआईटी खड़गपुर की भूमिका को श्रेय देने तक, पिचाई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), एआई की प्रगति में छात्रों की भूमिका और अन्य विषयों पर बात की.

सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज के जरिये दिया संदेश 

सुंदर पिचई ने IIT खड़गपुर के 75 साल पूरे होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया और इस संस्थान से जुड़े अपने अनुभव शेयर किये. उन्होंने अपने वीडियो में कहा, 

“आईआईटी खड़गपुर समुदाय को नमस्कार: छात्रों, संकाय सदस्यों और दुनिया भर में फैले मेरे साथी पूर्व छात्रों. आईआईटी खड़गपुर की उत्कृष्टता के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने में सहयोग करना मेरे लिए एक विशेष सौभाग्य है. एक छात्र के रूप में मेरी कई सुखद यादें हैं: हैरी के रेस्तरां में भोजन से लेकर इलू उत्सव तक, बी308 में पढ़ाई करते हुए बिताई गई रातों तक, सहपाठियों के साथ बनी दोस्ती तक और उन प्रोफेसरों तक जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी.”

उन्होंने आगे कहा, “कैंपस ही वह जगह है जहां मैं अपनी पत्नी अंजली से मिला, जहां मैंने पहली बार प्रोग्रामिंग सीखी, और जहां मुझे कंप्यूटर का उपयोग करने के कुछ शुरुआती अवसर मिले, जब मैं कैंपस में फ्लॉपी डिस्क लेकर घूमता था. ये क्षण मेरे जीवन की दिशा तय करते हैं, मुझे गूगल की राह पर ले जाते हैं, और अधिक से अधिक लोगों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने में मदद करते हैं. इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करना वास्तव में एक उपहार है.” पिचाई ने कहा कि संस्थान के कई स्नातकों ने भारत और विश्व पर गहरा प्रभाव डाला है. उन्होंने कहा, “आईआईटी खड़गपुर ने उस दृष्टिकोण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसके माध्यम से मैं दुनिया पर प्रभाव डालने का प्रयास करता हूं.”

IIT खड़गपुर ने जताया आभार 

पिचाई के संदेश का जवाब देते हुए, आईआईटी खड़गपुर ने कहा, “आईआईटी खड़गपुर उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है, ऐसे में हमें अपने विशिष्ट पूर्व छात्र, गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई से एक विशेष संदेश प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जो इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है. उनका संदेश आईआईटी पारिस्थितिकी तंत्र के स्थायी वैश्विक प्रभाव और जीवन को बदलने और भविष्य को आकार देने के लिए शिक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी की शक्ति को दर्शाता है.”

संस्थान ने आगे कहा, “अपनी उल्लेखनीय विरासत का जश्न मनाते हुए, हम नए सिरे से महत्वाकांक्षा के साथ आगे देख रहे हैं- विचारों को पोषित करने, पीढ़ियों को प्रेरित करने और ऐसे समाधान तैयार करने के लिए जो भारत और दुनिया में बदलाव ला सकें.” 

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