स्मार्टफोन बाजार में खुद को सबसे भरोसेमंद ब्रांड बताने वाली कंपनी सैमसंग (Samsung) की आफ्टर-सेल्स सर्विस और अपडेट पॉलिसी का एक और घटिया चेहरा बेनकाब हुआ है. लाखों रुपये खर्च करके सैमसंग के महंगे ‘फ्लैगशिप’ फोन खरीदने वाले ग्राहक आज कंपनी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. ताजा मामला एक सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़ा है, जिसे फोन में डालते ही स्क्रीन पर हरी पट्टी (Green Line) उभर आई. हद तो तब हो गई जब अपनी तकनीकी चूक मानने के बजाय कंपनी ने पीड़ित ग्राहक से ही डिस्प्ले बदलने के नाम पर ₹27,000 की भारी-भरकम रकम वसूलने की मांग कर दी. अपने वफादार ग्राहकों के साथ सैमसंग का यह रवैया बेहद शर्मनाक है.
जानिए क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर UtdBake21 (@quietsignalhz) नाम के एक यूजर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए सैमसंग इंडिया की पोल खोली है. यूजर के मुताबिक, उनके Samsung Galaxy S22 Ultra में कंपनी की तरफ से नया सॉफ्टवेयर अपडेट आया था. जैसे ही उन्होंने फोन को अपडेट करके रीस्टार्ट (Restart) किया, डिस्प्ले पर एक वर्टिकल ग्रीन लाइन अपने आप आ गई.
यह समस्या पूरी तरह से कंपनी के Faulty सॉफ्टवेयर अपडेट की वजह से पैदा हुई थी. लेकिन जब ग्राहक ने मदद के लिए सैमसंग सर्विस सेंटर और सपोर्ट टीम से संपर्क किया, तो कंपनी ने किसी भी तरह की मुफ्त मरम्मत या रिप्लेसमेंट देने से साफ इनकार कर दिया. अपनी गलती सुधारने के बजाय सैमसंग ने स्क्रीन बदलने के लिए ग्राहक के सामने ₹27,000 का भारी खर्च रख दिया.
After an update my S22 Ultra developed a green line right after the restart and you denied any help. Instead asking me to pay ₹27k for a display replacement. Shameful and I hope others wanting to buy Samsung flagships see how Samsung treats it’s loyal customers. pic.twitter.com/skUDSGCudQ
— UtdBake21 (@quietsignalhz) September 25, 2026
फ्लैगशिप फोन खरीदने वालों को दी सीधी चेतावनी
पीड़ित ग्राहक ने X पर अपने फोन की स्क्रीन की फोटो शेयर करते हुए अपना दर्द बयां किया और सैमसंग के इस रवैये को ‘शर्मनाक’ करार दिया. उन्होंने लिखा कि जो लोग भी सैमसंग के महंगे फ्लैगशिप स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें यह जरूर देख लेना चाहिए कि कंपनी अपने पुराने और वफादार ग्राहकों के साथ कैसा बर्ताव करती है.
तकनीकी खराबी की जिम्मेदारी से भाग रही कंपनी
सैमसंग के प्रीमियम स्मार्टफोन्स में सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद ग्रीन लाइन आने की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं, पहले भी देशभर से कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद, कंपनी अपनी घटिया क्वालिटी और खराब अपडेट्स की जवाबदेही लेने के बजाय ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रही है. एक तरफ यूजर एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च करके फोन खरीदता है, और दूसरी तरफ कंपनी की तकनीकी खराबी के लिए उसे फिर से 27 हजार रुपये देने को मजबूर किया जाता है. सैमसंग का यह अड़ियल रवैया ग्राहकों के भरोसे को पूरी तरह तोड़ रहा है.