Election commission mark vip: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के बीच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए इस्तेमाल होने वाले ऐप में ‘Mark VIP’ नाम का नया फीचर जोड़ा है. यह सुविधा उस समय जोड़ी गई, जब दिल्ली समेत कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही थी. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अधिकारियों ने पुष्टि की कि BLO ऐप को 30 जुलाई को इस नए फीचर के साथ अपडेट किया गया था. ऐप स्टोर के रिकॉर्ड के अनुसार, इस बदलाव का विवरण 4 अगस्त के अपडेट में ‘mark VIP elector related changes’ के तौर पर दर्ज किया गया. वहीं 30 जुलाई के अपडेट में सामान्य बदलाव दर्ज थे. एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर इस बदलाव का अलग रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था.
SIR के बीच कब आया यह फीचर?
‘Mark VIP’ फीचर ऐसे समय में BLO ऐप में जोड़ा गया, जब 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही थी. उस समय दिल्ली और चार अन्य राज्यों में प्रक्रिया गणना यानी enumeration चरण में थी, जबकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत 10 राज्यों में दावे और आपत्तियों का चरण चल रहा था. दिल्ली के CEO कार्यालय के एक अधिकारी ने HT को बताया कि स्थानीय CEO कार्यालय ऐप या उसके सॉफ्टवेयर में बदलाव नहीं कर सकता और इस तरह के निर्देश सीधे निर्वाचन आयोग की ओर से आते हैं. हालांकि, फीचर क्यों जोड़ा गया और इसे शुरू करने के लिए किस स्तर पर आदेश दिया गया, इस संबंध में HT ने निर्वाचन आयोग से सवाल किए थे, लेकिन रिपोर्ट प्रकाशित होने तक आयोग की ओर से जवाब नहीं मिला था.
BLO को कैसे काम आएगा ‘Mark VIP’?
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली और हरियाणा के BLO ने पुष्टि की कि उनके ऐप में यह मॉड्यूल उपलब्ध है. पश्चिम बंगाल के BLO ने बताया कि नवंबर 2025 में राज्य में हुए SIR के दौरान यह सुविधा ऐप में मौजूद नहीं थी और बाद में इसे जोड़ा गया. दिल्ली के एक BLO के मुताबिक, घर-घर सत्यापन के दौरान मतदाता को VIP के तौर पर चिह्नित किया जा सकता है. इसके बाद इस प्रविष्टि की जांच Assistant Electoral Registration Officer (AERO), Electoral Registration Officer (ERO) और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के स्तर पर की जाती है. यानी ऐप में किसी मतदाता को VIP के तौर पर चिह्नित किया जाना अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि इसके बाद भी सत्यापन की प्रक्रिया होती है. एक अन्य BLO ने बताया कि इस सुविधा का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की पहचान करना और उनके फॉर्म की प्रक्रिया में सुविधा देना है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के एक निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि BLO को पहले भी VIP मतदाताओं और अलग-अलग आयु वर्ग के मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई जाती रही है, ताकि चुनाव के दौरान उन्हें आवश्यक सुविधा दी जा सके.
VIP मतदाता कौन होते हैं?
यहां यह समझना जरूरी है कि ‘VIP elector’ या ‘marked elector’ की अवधारणा पूरी तरह नई नहीं है. निर्वाचन आयोग के मार्च 2023 के Electoral Rolls Manual में कुछ श्रेणियों के मतदाताओं को चुनावी डेटाबेस में चिह्नित करने का प्रावधान है. इनमें सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य, घोषित पदों पर रहने वाले लोग तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता और खेल जैसे क्षेत्रों की कुछ प्रमुख हस्तियां, न्यायपालिका और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं. मैनुअल में ऐसे मतदाताओं के नाम प्रस्तावित ड्राफ्ट मतदाता सूची में सुनिश्चित करने और भविष्य में गलत तरीके से नाम हटने से बचाने के लिए डेटाबेस में उचित फ्लैग लगाने की बात कही गई है.
VIP होने का मतलब नोटिस से छूट नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, VIP के तौर पर चिह्नित होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता SIR की प्रक्रिया से बाहर हो जाता है या उसे दावे-आपत्तियों से जुड़े नोटिस नहीं दिए जा सकते. दिल्ली CEO कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए जा सकते हैं, भले ही उन्होंने Enumeration Form जमा किया हो या नहीं, लेकिन वे नोटिस और सत्यापन प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त नहीं होते. दिल्ली में VIP मतदाताओं की संख्या करीब 3,000 बताई गई है. वहीं नई दिल्ली जिले के एक अधिकारी ने अपने क्षेत्र में ऐसे करीब 1,000 मतदाताओं का उल्लेख किया. यह व्यवस्था मुख्य रूप से ऐसे मतदाताओं की पहचान और उनके रिकॉर्ड की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने से जुड़ी बताई गई है.
दिल्ली में प्रमुख लोगों को नोटिस मिलने के बीच सामने आया फीचर
‘Mark VIP’ फीचर का मामला ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली में SIR के दौरान कई प्रमुख लोगों को मतदाता रिकॉर्ड में ‘logical discrepancy’ से जुड़े नोटिस मिलने को लेकर चर्चा चल रही है. रिपोर्ट में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपप्रधानमंत्री एलके आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू समेत कुछ प्रमुख नामों का उल्लेख किया गया है. हालांकि, VIP के तौर पर चिह्नित किए जाने का उद्देश्य नोटिस से छूट देना नहीं बताया गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसका संबंध चुनावी डेटाबेस में ऐसे मतदाताओं की पहचान और उनके रिकॉर्ड को सत्यापन के दौरान सुविधा देने से है.