Ashok Dham Temple Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर परिसर में सावन के तीसरे सोमवार को जल चढ़ाने के लिए जमा हुए भक्तों में करंट लगने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई. भगदड़ में सात महिला भक्तों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से ज़्यादा लोग घायल हो गए. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. इस अफरा-तफरी के दौरान कई लोग एक-दूसरे के नीचे कुचले गए.बताया जा रहा है कि नाग पंचमी पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई थी. सोमवार सुबह बड़ी संख्या में भक्त जल चढ़ाने के लिए लाइन में खड़े थे. इसी बीच, अशोकधाम स्टेशन से जाने वाली सड़क पर लगा बैरिकेड टूट गया, जिससे भगदड़ मच गई. वहीं एक भक्त ने हैरान करने वाला खुलासा किया है.
भक्त ने किया हैरान करने वाला खुलासा
एक भक्त ने बताया, “लाइन में औरतें खड़ी थीं.करीब 10-12 औरतें धक्का देकर अंदर आ गईं और हमें धक्का देने लगीं. हम गिर गए, और करीब 20-25 औरतें एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं. भीड़ में फंसकर कई बेहोश हो गईं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बहुत ज़्यादा भीड़ थी.”
VIDEO | Bihar: Stampede-like situation at Ashok Dham Temple in Lakhisarai; several injuried.
A devotee says, “There were women standing in a queue. Around 10-12 women pushed their way in and started pushing us. We fell, and around 20-25 women fell on top of one another. Many… pic.twitter.com/ecaqF5VeQj
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
अशोकधाम मंदिर में भगदड़ कैसे मची?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात में सड़क किनारे बिजली का एक खंभा तारों समेत गिर गया था. बैरिकेड के पास लगा बांस का खंभा टूटकर बिजली के खंभे में फंस गया, जिससे खंभा झुक गया. इससे खंभा गिरने और करंट लगने की अफवाह फैल गई.अफवाह के बाद भक्तों में दहशत फैल गई, वे अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे. घटना के दौरान बांस और डंडों से बने बैरिकेड टूट गए और कई भक्त एक-दूसरे पर गिर गए. हादसे में अब तक सात भक्तों की मौत हो गई है, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं हैं, जबकि 12 से ज़्यादा घायल हो गए. घायलों को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया.प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव और राहत का काम शुरू किया. हादसे के कारणों और भगदड़ के हालात की पूरी जांच की जा रही है.
DM ने क्या कहा?
लखीसराय के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार ने कहा कि वह सुबह करीब 3:30 बजे से मौके पर थे. सुबह करीब 6:30 बजे अचानक भीड़ बढ़ गई और बैरिकेड टूट गए, जिससे लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े. डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक मौके पर कैंप कर रहे हैं और सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है. अशोक धाम मंदिर से अशोक धाम हॉल्ट तक करीब दो किलोमीटर के रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी.
इस घटना ने मंदिर में भक्तों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतनी बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी के बावजूद भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.