Who is Manoj Jarange Patil: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवली सराय में भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल का आज 11वां दिन है. लगातार 11 दिनों तक खाना-पानी छोड़ने के बाद जरांगे पाटिल का वजन 7 kg कम हो गया है और कल आधी रात को उनकी हालत चिंताजनक रूप से बिगड़ गई. इस घटना से राज्य भर में मराठा समुदाय बेहद आक्रामक हो गया है.
आधी रात को सलाइन चढ़ाना शुरू हुआ
चार दिन पहले मनोज जरांगे ने सरकार पर वादा न निभाने का आरोप लगाते हुए पानी, मेडिकल जांच और सलाइन लेने से साफ मना कर दिया था. हालांकि, कल आधी रात को उनकी अचानक हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर मंत्री उदय सामंत और कुछ अन्य मंत्रियों ने सीधे जरांगे से फोन पर बात की. सरकार से आश्वासन मिलने और स्थिति की गंभीरता को समझने के बाद जरांगे इलाज के लिए मान गए. कल आधी रात से ही उनका सलाइन से मेडिकल इलाज शुरू कर दिया गया है.
फैसले पर फोकस
जारंगे की बिगड़ती सेहत को देखते हुए, सरकार का एक ऑफिशियल डेलीगेशन आज अंतरवली सरती पहुंचकर मनोज जरांगे पाटिल से मिल सकता है. आने वाले आंदोलन की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि इस मीटिंग में मराठा रिजर्वेशन की मांगों पर सरकार क्या ठोस स्टैंड लेती है और जरांगे पाटिल इस पर क्या फैसला लेते हैं.
कौन है मनोज जरांगे पाटिल? ( Who Is Manoj Jarange Patil)
मनोज जरांगे पाटिल मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं. वह मूल रूप से बीड जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है. रोजी-रोटी के लिए वह जालना आए और यहां होटल में काम करते हुए सामाजिक काम शुरू किया. उन्होंने ‘शिवबा’ नाम के संगठन की शुरुआत भी की. वह 2011 से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. 2015 से 2023 के बीच उन्होंने 30 से ज्यादा आंदोलन किए. बताया जाता है कि उन्होंने आंदोलन के लिए अपनी जमीन का कुछ हिस्सा भी बेच दिया.
मनोज जरांगे पाटिल की सरकार से मांगे
इस बार मनोज जरांगे पाटिल की मुख्य मांग है कि पुराने सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 58 लाख कुनबी परिवारों के आधार पर योग्य मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र दिया जाए. इससे उन्हें ओबीसी के तहत मिलने वाले लाभ मिल सकेंगे. वह चाहते हैं कि सरकार इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करे और सिर्फ आश्वासन देने के बजाय साफ तौर पर जरूरी कदम उठाए. उनकी अन्य मांगों में पुराने गजट रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाण पत्र देना और मराठा आरक्षण से जुड़े फैसलों को लागू करना शामिल है.
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