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28 दिन से पेट में फंसी लोहे की कील, दर्द में करहाता रहा 3 साल का मासूम; परिवार लगा रहा इलाज की गुहार

Odisha News: ओडिशा के गंजाम में तीन साल के आकाश के पेट में 28 दिनों से दो इंच की लोहे की कील फंसी है. परिवार आठ बार अस्पताल पहुंचा, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई.

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Last Updated: August 26, 2026 15:16:29 IST

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Odisha News: ओडिशा के गंजाम जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां तीन साल के मासूम आकाश जेना के पेट में करीब दो इंच लंबी लोहे की कील 28 दिनों से फंसी हुई है. जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को खेलते समय बच्चे ने गलती से कील निगल ली थी. घटना के बाद आकाश ने अपने पिता को इसकी जानकारी दी. परिवारवालों ने तुरंत उसे भंजनगर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे में बच्चे के पेट में कील होने की जानकारी मिली. इसके बाद परिवार उसे बेहतर इलाज की उम्मीद में ब्रह्मपुर मेडिकल भी लेकर गया.

कई बार अस्पताल पहुंचे

परिजनों के मुताबिक, ब्रह्मपुर मेडिकल में भी बच्चे की जांच और एक्स-रे किया गया. परिवार ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘वहां डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि कील मल के रास्ते अपने आप बाहर निकल सकती है और बच्चे को घर ले जाने की सलाह दी गई. लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कील बाहर नहीं निकली. अब घटना को 28 दिन हो चुके हैं और परिवार बच्चे की सेहत को लेकर बेहद चिंतित है’. परिजनों ने आगे कहा कि ‘वे बच्चे को करीब आठ बार अस्पताल लेकर जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाने से परिवार पर इलाज और आने-जाने का खर्च भी बढ़ता गया’.

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दिहाड़ी मजदूर परिवार ने मांगी आर्थिक मदद

आकाश के पिता तोफान जेना दिहाड़ी मजदूरी करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अब बच्चे का आगे इलाज कराना उनके लिए मुश्किल हो गया है. पिता का कहना है कि अस्पताल आने-जाने और जांच में अब तक काफी पैसा खर्च हो चुका है. परिवार के पास अब बार-बार बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं. ऐसे में परिजनों ने सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ आकाश के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने की अपील की है. परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द मामले में मदद करेगा और मासूम को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. बच्चे के शरीर में इतने लंबे समय से विदेशी वस्तु मौजूद होने के कारण विशेषज्ञ चिकित्सा मूल्यांकन जरूरी है.

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Odisha News: ओडिशा के गंजाम जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां तीन साल के मासूम आकाश जेना के पेट में करीब दो इंच लंबी लोहे की कील 28 दिनों से फंसी हुई है. जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को खेलते समय बच्चे ने गलती से कील निगल ली थी. घटना के बाद आकाश ने अपने पिता को इसकी जानकारी दी. परिवारवालों ने तुरंत उसे भंजनगर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे में बच्चे के पेट में कील होने की जानकारी मिली. इसके बाद परिवार उसे बेहतर इलाज की उम्मीद में ब्रह्मपुर मेडिकल भी लेकर गया.

कई बार अस्पताल पहुंचे

परिजनों के मुताबिक, ब्रह्मपुर मेडिकल में भी बच्चे की जांच और एक्स-रे किया गया. परिवार ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘वहां डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि कील मल के रास्ते अपने आप बाहर निकल सकती है और बच्चे को घर ले जाने की सलाह दी गई. लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कील बाहर नहीं निकली. अब घटना को 28 दिन हो चुके हैं और परिवार बच्चे की सेहत को लेकर बेहद चिंतित है’. परिजनों ने आगे कहा कि ‘वे बच्चे को करीब आठ बार अस्पताल लेकर जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाने से परिवार पर इलाज और आने-जाने का खर्च भी बढ़ता गया’.

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दिहाड़ी मजदूर परिवार ने मांगी आर्थिक मदद

आकाश के पिता तोफान जेना दिहाड़ी मजदूरी करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अब बच्चे का आगे इलाज कराना उनके लिए मुश्किल हो गया है. पिता का कहना है कि अस्पताल आने-जाने और जांच में अब तक काफी पैसा खर्च हो चुका है. परिवार के पास अब बार-बार बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं. ऐसे में परिजनों ने सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ आकाश के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने की अपील की है. परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द मामले में मदद करेगा और मासूम को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. बच्चे के शरीर में इतने लंबे समय से विदेशी वस्तु मौजूद होने के कारण विशेषज्ञ चिकित्सा मूल्यांकन जरूरी है.

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