PM Modi Address to the Nation: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं. आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया. उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया. हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं.
हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो नारीशक्ति को, देशहित को… इसका खामियाजा उठाना पड़ता है. इस बार भी यही हुआ है. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है.
पीएम मोदी ने संबोधन की 10 बड़ी बातें
- कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थी. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे.
- नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती. इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी.
- संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को फोर ग्रांटेड ले रहे हैं.
- कांग्रेस के एंटी रिफॉर्म रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है.
- ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था.
- नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था.
- देश की 50 प्रतिशत यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र पर्व था.
- पीएम मोदी ने कहा कि मैं जानता हूं कि आज मेरे देश की माताएं, बहनें, बेटियां. आप सभी दुखी हैं. मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं.
- मैंने संसद में भी कहा था कि आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूंगा.
- कांग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीख कर आई है और कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है. कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है. इसलिए ये झूठ फैलाया गया कि डी-लिमिटेशन या परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा.