Odisha Property dispute: ओडिशा के भद्रक जिले से संपत्ति विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि एक महिला को सरकारी रिकॉर्ड में करीब 40 साल पहले मृत घोषित कर उसके नाम दर्ज जमीन और मकान को पति और बेटों के नाम करा दिया गया. मामले में पुलिस ने महिला के बड़े बेटे को गिरफ्तार किया है. वहीं अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं.
मामला धामनगर थाना क्षेत्र के हबीबनगर का है. शिकायतकर्ता आयशा बीबी ने आरोप लगाया है कि संपत्ति पर कब्जा करने के लिए उनके पति और दो बेटों ने कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में उनकी मौत का फर्जी रिकॉर्ड तैयार कराया.
तीर्थयात्रा से लौटने के बाद सामने आया मामला
आयशा बीबी के अनुसार, वह वर्ष 2023 में तीर्थयात्रा पर गई थीं. इसी दौरान उनके दो बेटों ने कथित तौर पर एक हलफनामा दाखिल कर दावा किया कि उनकी मां की करीब 40 साल पहले ही मौत हो चुकी है. आरोप है कि हलफनामे में यह भी कहा गया कि आयशा की कोई बेटी नहीं थी. आयशा ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है. उनका कहना है कि उनकी छह बेटियां हैं और उन्हें जीवित रहते सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर उनकी संपत्ति से बेदखल करने की कथित कोशिश की गई.
राजस्व रिकॉर्ड से हटाया गया नाम
शिकायत में आयशा ने आरोप लगाया है कि कथित हलफनामे के आधार पर धामनगर के राजस्व निरीक्षक प्रकाश मल्लिक ने बिना उचित सत्यापन के उन्हें मृत घोषित किए जाने संबंधी रिपोर्ट जमा कर दी. इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड से आयशा का नाम हटाए जाने और जमीन, मकान सहित अन्य संपत्तियां उनके पति और दोनों बेटों के नाम दर्ज किए जाने का आरोप है. महिला ने इस पूरी प्रक्रिया में अपने पति की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
शिकायत के बाद SP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
आयशा ने कथित रिकॉर्ड में हेरफेर की जानकारी मिलने के बाद 10 जुलाई को धामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने अपने दोनों बेटों, उनकी पत्नियों और संबंधित राजस्व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. महिला का आरोप है कि शिकायत के करीब 18 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने भद्रक एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी जमीन-मकान वापस दिलाने के साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मामला एसपी के संज्ञान में आने के बाद धामनगर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए. वहीं संबंधित राजस्व अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी जिला प्रशासन को भी दी गई है.
बड़ा बेटा गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, शिकायत के साथ पेश किए गए दस्तावेजों की शुरुआती जांच में आयशा को मृत घोषित कर उनकी संपत्ति पति और दोनों बेटों के नाम दर्ज किए जाने की बात सामने आई है. मामले में पुलिस ने आयशा के बड़े बेटे एसके तौफीक को गिरफ्तार कर लिया है. उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है. वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच के साथ उनकी तलाश भी की जा रही है.
दस्तावेजों की जांच कर रही पुलिस
पुलिस जमीन के दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और कथित हलफनामे समेत सभी संबंधित कागजात की जांच कर रही है. प्रशासन की ओर से भी मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. फिलहाल पुलिस जांच जारी है।किसने और किस प्रक्रिया के तहत महिला को रिकॉर्ड में मृत घोषित कराया. राजस्व रिकॉर्ड में नाम कैसे हटाया गया और संपत्ति किस आधार पर ट्रांसफर हुई. इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा.
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