भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके मिश्रित हींग पाउडर उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है.
जांच में पता चला कि उत्पाद निम्न गुणवत्ता के थे और एक मामले में मिलावटी भी पाए गए. खाद्य सुरक्षा नियामक ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए कहा कि ये उत्पाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने में विफल रहे.
एवरेस्ट हींग उत्पादों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स को अपने मिश्रित हींग पाउडर के विभिन्न प्रकारों की बिक्री तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दी है. नियामक के अनुसार, प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला में खाद्य विश्लेषक द्वारा कंपनी के मिश्रित हींग के नमूनों को “गलत लेबल वाला और निम्न गुणवत्ता वाला” पाया गया. नियामक ने एवरेस्ट को एक कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है जिसमें कथित कदाचार को सुधारने और भविष्य में निम्न गुणवत्ता वाले मिश्रित हींग की बिक्री को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का विस्तृत विवरण हो. FSSAI ने कंपनी को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि केवल वही उत्पाद निर्मित और बेचे जाएं जो आवश्यक मानकों को पूरा करते हों और उसके लाइसेंस के अंतर्गत आते हों, और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार हों.
The Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) has taken regulatory enforcement action under the Food Safety and Standards Act, 2006, issuing Prohibition Orders against M/s Everest Food Products Private Limited and M/s Laljee Godhoo and Company #FSSAINotice #FSSAIAction pic.twitter.com/afIwTFCuHb
— FSSAI (@fssaiindia) August 29, 2026
खाद्य सुरक्षा विज्ञान मंत्रालय (FSSAI) ने घटिया खाद्य उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई तेज की
इन दोनों कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों को पूरा न करने वाले खाद्य उत्पादों के निर्माण और बिक्री को रोकने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निरंतर ध्यान को उजागर करती है. तत्काल प्रतिबंध लगाकर और सुधारात्मक कार्य योजनाएँ माँगकर नियामक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खाद्य व्यवसायों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित मानकों का पालन करना होगा.