Raghav Chaddha Z Security: बीते सप्ताह पंजाब की आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उनके पद से हटा दिया. इसके बाद पंजाब सरकार द्वारा दी गई जेड प्लस सिक्योरिटी वापस ले ली गई. वहीं केंद्र सरकार ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है. केंद्र सरकार को खतरे की आशंका थी, जिसके आधार पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दी है, जो दिल्ली और पंजाब दोनों जगहों पर मुहैया कराई जाएगी. ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि आखिर जेड सिक्योरिटी क्या है और इसके तहत कितने जवान और सैनिकों को उनकी सुरक्षा में खड़ा किया जाता है. अंग्रेजी के अक्षर ‘Z’ का सीधा संबंध सुरक्षा की श्रेणी से है, जो खतरे की धारणा के आधार पर वीआईपी और नेताओं को दी जाती है.
क्या होती है जेड श्रेणी सुरक्षा?
बता दें कि जेड श्रेणी सुरक्षा जेड आकार में होती है. इसे भारत में उच्च स्तरीय सुरक्षा माना जाता है. यह सुरक्षा गंभीर खतरों का सामना कर रहे वीआईपी और वीवीआईपी लोगों को दी जाती है. इस सुरक्षा में 22 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाता है. इसमें 4-6 एनएसजी कमांडो होते हैं. इसके अलावा दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया जाता है. ये सुरक्षा वीआईपी लोगों को सातों दिन 24 घंटे सुरक्षा कवच की तरह हर खतरे से बचाता है.
किन लोगों को मिलती है जेड श्रेणी सुरक्षा?
जेड श्रेणी सुरक्षा राजनेताओं और उन प्रमुख हस्तियों को दी जाती है, जिन्हें खूफिया एजेंसियों से जान का खतरा होता है. अब तक ये सिक्योरिटी बाबा रामदेव और एक्टर आमिर खान को दी गई है. साथ ही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और तिब्बत के धार्मिक गुरु दलाई लामा समेत कई वीआईपी को दी गई है.
कितनी तरह की होती है सुरक्षा?
बता दें कि देश में आमतौर पर 5 तरह की सुरक्षा दी जाती हैं. इनमें X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा होती हैं. वहीं जेड प्लस सुरक्षा में लगभग 55 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं. इनमें 10 से ज्यादा NSG कमांडो होते हैं. इसके साथ ही उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन और पायलट वाहन मुहैया कराए जाते हैं.