Abhishek Banerjee Big Claim: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म हो चुका है. नतीजे 4 मई को आएंगे. लेकिन इससे पहले अधिकतर एग्जिट पोल के रुझानों में बीजेपी की सरकार बनती हुई नजर आ रही है. सिर्फ एक एजेंसी पीपल्स पल्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनती हुई नजर आ रही है. इस बीच एक दुखद खबर सामने आ रही है.
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दावों के मुताबिक, बुधवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले में 81 साल के एक बुज़ुर्ग की मौत हो गई. आरोप है कि सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के जवानों ने उनके साथ मारपीट की थी. यह घटना उदय नारायणपुर से सामने आई है, जिससे राज्य में चल रहे चुनाव के दौरान राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है.
अभिषेक बनर्जी ने किया दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उदय नारायणपुर में एक बुज़ुर्ग अपने बेटे के साथ वोट डालने गए थे. वे इतने कमज़ोर थे कि बिना सहारे के चल नहीं पा रहे थे, इसलिए उनके बेटे ने उन्हें बूथ के अंदर ले जाने में मदद करने की कोशिश की. केंद्रीय फ़ोर्स ने दोनों को धक्का दिया और उनके साथ ज़ोर-ज़बरदस्ती की. बुज़ुर्ग ज़मीन पर गिर पड़े, उन्हें तुरंत आमता अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि सुबह से ही ये केंद्रीय फ़ोर्स आम नागरिकों को डरा-धमका रही है, महिलाओं को थप्पड़ मार रही है, बुज़ुर्गों के साथ मारपीट कर रही है और यहां तक कि बच्चों पर भी हमला कर रही है. यह दावा पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा मतदान के दौरान तैनात फ़ोर्स के रवैये को लेकर लगाए गए दूसरे आरोपों के साथ ही आया है.
Central Forces under Amit Shah have become BJP’s PRIVATE ARMY- A gang of licensed thugs unleashed on the people of Bengal.
In Udaynarayanpur, an elderly man went to cast his vote with his son. Too frail to walk unaided, his son tried to help him into the booth. Central Forces… pic.twitter.com/kRty6YdCUq
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) April 29, 2026
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया आई सामने
समाचार एजेंसी PTI ने चुनाव आयोग (EC) के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि दक्षिण 24 परगना के फ़लता इलाक़े के बेलसिंह में सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा. यह कार्रवाई तब की गई जब लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की. अधिकारी ने बताया कि भीड़ को हटने के लिए बार-बार अपील करने के बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की और इस घटना के सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में ले लिया. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इस बात का विरोध करते हुए दावा किया कि लाठीचार्ज बिना किसी उकसावे के किया गया था और बूथ नंबर 186 के बाहर लाइन में खड़ी कई महिलाएं घायल हो गईं. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अपनी मां के साथ आए एक बच्चे के सिर में चोट लगी.
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चुनाव आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
इसके अलावा, जानकारी सामने आ रही है कि चुनाव आयोग ने इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. अधिकारियों ने कहा है कि यदि बच्चे को लगी चोटों की पुष्टि हो जाती है और सुरक्षाकर्मियों द्वारा किसी भी तरह की गलत हरकत साबित हो जाती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी. ये घटनाएं पश्चिम बंगाल के चुनाव वाले इलाकों में बढ़ी हुई राजनीतिक सरगर्मी और कड़ी सुरक्षा तैनाती के बीच सामने आई हैं. स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में एक विशेष पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किया गया है.