US Iran War: होर्मुज स्ट्रेट में US और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. US ने ईरान के बड़े कंटेनर शिप तुस्का को ज़ब्त कर लिया है. इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच चल रहा सीज़फ़ायर खतरे में पड़ गया है. US मिलिट्री के मुताबिक, यह घटना रविवार को हुई. इससे पहले, US ने अपनी नाकाबंदी के तहत ईरानी पोर्ट्स में आने और बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लगभग 25 ईरानी शिप को रोका और वापस भेज दिया था.
छह घंटे तक बार-बार चेतावनी
US नेवी का वॉरशिप USS स्प्रुअंस तुस्का को रोकने के लिए पहुंचा. शिप के क्रू को लगभग छह घंटे तक बार-बार चेतावनी दी गई कि वे अपना रास्ता न छोड़ें. लेकिन, शिप बंदर अब्बास की ओर बढ़ता रहा और ऑर्डर नहीं माने. इसके बाद, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आखिरी चेतावनी जारी करते हुए शिप के क्रू को इंजन रूम खाली करने का ऑर्डर दिया.
US मरीन कमांडो ने कंट्रोल में ले लिया जहाज
चेतावनी के बाद USS स्प्रुअंस ने अपनी 5-इंच MK 45 गन से शिप के इंजन रूम पर फायरिंग की. कई राउंड फायरिंग के बाद इंजन बंद हो गया और वह रुक गया. इसके बाद US मरीन कमांडो जहाज़ पर चढ़े और उसे अपने कंट्रोल में ले लिया. जहाज़ अभी US के कंट्रोल में है. इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन US ने इस मामले पर साफ जानकारी नहीं दी है.
U.S. forces operating in the Arabian Sea enforced naval blockade measures against an Iranian-flagged cargo vessel attempting to sail toward an Iranian port, April 19.
Guided-missile destroyer USS Spruance (DDG 111) intercepted M/V Touska as it transited the north Arabian Sea at… https://t.co/iyzOQd93C3 pic.twitter.com/HwU4XS48Oq
— DOW Rapid Response (@DOWResponse) April 19, 2026
टस्का क्या है?
टस्का एक बड़ा कंटेनर जहाज है. इसकी लंबाई लगभग 294 मीटर (965 फ़ीट) और चौड़ाई 32.5 मीटर (107 फ़ीट) है. यह जहाज़ आठ दिन पहले मलेशिया के पोर्ट क्लैंग से निकला था और ईरान के बंदर अब्बास जा रहा था.
ईरान ने दी बदले की धमकी
US का कहना है कि जहाज़ उसकी नाकाबंदी तोड़ रहा था, और इसलिए उसे रोका गया. ईरान ने इस कार्रवाई का विरोध किया है. ईरानी सेना ने इसे सीज़फ़ायर का उल्लंघन और पाइरेसी बताया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह जवाबी कार्रवाई करेगा. US और ईरान के बीच 8 अप्रैल को दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर पर साइन हुए थे, जो 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है.
US और ईरान के बीच शांति वार्ता का पहला दौर 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुआ था. US ने शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए इस्लामाबाद में एक डेलीगेशन भेजने का वादा किया है, लेकिन ईरान का कहना है कि जब तक US अपनी समुद्री नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक वह बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा.