Iran Woman Phansi: अमेरिका के साथ सीजफायर के बीच ईरानी सरकार एक युवा महिला को फांसी देने की तैयारी कर रही है. बीता हेमती पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें इस साल जनवरी में हुए विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े आरोपों के तहत यह सज़ा सुनाई गई है. बताया जा रहा है कि उन्हें उनके पति के साथ ही फांसी दी जानी है. फ़िलहाल ईरान में कुल चार कैदियों को फांसी देने की तैयारियां चल रही हैं.
तेहरान की एक अदालत ने घोषणा की है कि इन लोगों ने सुरक्षा बलों को घायल किया था और हथियारों का भी इस्तेमाल किया था.
कौन हैं बीता हेमती?
बीमा हेमती और उनके पति मोहम्मद रेजा माजिदी के अलावा 2 अन्य लोगों को भी फांसी की सजा दी जानी हैं. बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के अलावा जिन 2 लोगों को फांसी की सजा दी जा रही है. ये दोनों उसी इमारत में रहते थे. जहां ये पति-पत्नी रहते थे. उनके नाम बेहरोज जमानीनेजाद और कोरोश जमानीनेजाद हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान ने अब तक इन विरोध-प्रदर्शनों के सिलसिले में सात लोगों को फांसी दी है.
इस महिला का अपराध क्या है?
असल में इस्लामी शासन के तहत सरकार के खिलाफ किया गया कोई भी काम अल्लाह के खिलाफ माना जाता है. ऐसे कामों की सज़ा मौत है. इस महिला और उसके पति पर ठीक यही आरोप लगा है. ईरानी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इन चारों को गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद आरोप तय किए गए थे. एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, चारों कैदियों पर अमेरिकी सरकार के उकसावे पर काम करने का आरोप लगाया गया है. उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डालने और साज़िश रचने के आरोप भी हैं. उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली गई है.
खुलेआम दी जाती है फांसी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में फांसी देने की एक पंरपरा है. आमतौर पर लटकाकर दोषियों को फांसी दी जाती है. फांसी मौत की सजा देने का एक मानक तरीका है. यह कड़ी सजा अक्सर नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों, हत्या और राजनीतिक असहमति के मामलों में दी जाती है कभी-कभी फांसी की सजाएं सार्वजनिक चौराहों पर क्रेन का इस्तेमाल करके खुलेआम भी दी गई हैं.