नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को देश में बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया है और त्रिशूली इलाके से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है. पुलिस के हवाले से ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने बताया कि बुधवार को भोटेकोशी में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 475 हो गई है.
ANI के मुताबिक इलाके में सड़कों के निर्माण समेत सभी तरह के काम पूरी तरह रोक दिए गए हैं. नेपाल पुलिस के अधिकारी पी. चौधरी ने कहा, ‘पानी का स्तर बढ़ने वाला है, इसलिए सभी काम रोक दिए गए हैं. बचाव और राहत कार्य में लगी गाड़ियां वापस लौट रही हैं. वहां मौजूद सभी लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. आने वाले समय में और भी भीषण बाढ़ आ सकती है, इसीलिए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.’
भूकंप के बाद नेपाल में बाढ़ का अलर्ट
इससे पहले, चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद नेपाल में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया. नेपाल पुलिस के मुताबिक, ऊपर से तेजी से आ रहे पानी के बहाव के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए त्रिशूली के लोगों को दोबारा सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया.
चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार, भूकंप के झटके दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में महसूस किए गए.
तिब्बत की तरफ बना एक बांध फिर से टूट गया
नेपाल पुलिस ने अलर्ट जारी करते हुए बताया कि तिब्बत की तरफ बना एक बांध फिर से टूट गया है. पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, ‘तिब्बत की ओर जल बांध टूटने की सूचना मिली है. इसलिए सभी सुरक्षाकर्मियों, बचाव कार्यकर्ताओं और आम जनता से अपील है कि वे तुरंत सतर्क हो जाएं, सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और दूसरों को भी इसकी जानकारी दें.’
संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) में विपक्ष के नेता भीष्म राज आंगदेम्बे ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद नेपाल की सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है.
सतर्क रहने की सलाह
उन्होंने त्रिशूली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘यहां का इलाका और मौसम काम के लिए अनुकूल नहीं है, फिर भी हमारी सेना और सभी हेलीकॉप्टर टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं. नदी के ऊपरी हिस्से की स्थिति को देखते हुए केंद्र, प्रांत और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं. अभियान में सेना के दो हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टर भी लगाए गए हैं. हम हर उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल कर रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं.’
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए त्रिशूली से रसुवा तक बनने वाली सड़क का काम फिलहाल रोक दिया गया है. सभी जेसीबी मशीनों को वापस बुला लिया गया है और सड़क निर्माण का काम पूरी तरह बंद कर दिया गया है.