Skin care tips: चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइंस और त्वचा का ढीलापन बढ़ती उम्र के साथ स्वाभाविक है. लेकिन आजकल कम उम्र में भी कई लोगों के चेहरे पर एजिंग के संकेत दिखाई देने लगे हैं. इसके पीछे खराब लाइफस्टाइल, लगातार तनाव, पर्याप्त नींद की कमी, धूप और प्रदूषण जैसी कई वजहें हो सकती हैं. यही कारण है कि लोग कम उम्र में ही एंटी-एजिंग क्रीम, सीरम और दूसरे महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं.
घरेलू नुस्खों को भी अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल करें
हालांकि, हर किसी की त्वचा पर महंगे उत्पाद एक जैसा असर करें, यह जरूरी नहीं है. ऐसे में कुछ लोग घरेलू नुस्खों को भी अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल करते हैं. ऐसा ही एक नुस्खा लौंग और कॉफी से तैयार होने वाले फेस पैक का है. सोशल मीडिया पर इस तरह के नुस्खे काफी चर्चा में रहते हैं और दावा किया जाता है कि ये त्वचा की डलनेस कम करने और चेहरे को फ्रेश लुक देने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, इसे झुर्रियों का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता और इसका असर व्यक्ति की त्वचा पर अलग-अलग हो सकता है.
लौंग से तैयार फेस पैक क्यों हो रहा वायरल?
लौंग में कई तरह के पौधों से मिलने वाले यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसी वजह से घरेलू स्किन केयर में इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. वहीं कॉफी का इस्तेमाल भी कई लोग त्वचा को एक्सफोलिएट करने और चेहरे को कुछ समय के लिए फ्रेश दिखाने के लिए करते हैं. हालांकि, किसी घरेलू नुस्खे में किसी सामग्री के मौजूद होने का मतलब यह नहीं है कि वह झुर्रियों को खत्म कर देगी. इसलिए इसे त्वचा की सामान्य देखभाल के तौर पर ही देखना बेहतर है.
ऐसे तैयार करें लौंग और कॉफी का मिश्रण
इस घरेलू नुस्खे को तैयार करने के लिए सबसे पहले 5 से 7 लौंग लें और उन्हें हल्का भून लें. इसके बाद लौंग को अच्छी तरह कूटकर एक पैन में पानी के साथ डालें. इसमें करीब एक चम्मच कॉफी मिलाकर कुछ मिनट तक उबालें. जब पानी अच्छी तरह तैयार हो जाए तो गैस बंद करके इसे ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद इसे छान लें. इस्तेमाल से पहले हमेशा साफ बर्तन और साफ सामग्री का इस्तेमाल करें. तैयार मिश्रण को लंबे समय तक रखने के बजाय ताजा बनाकर इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है.
चेहरे पर कैसे लगाएं?
फेस पैक लगाने से पहले चेहरे को किसी हल्के क्लींजर से साफ कर लें. इसके बाद तैयार मिश्रण को चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाएं. इसे करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें. त्वचा को रगड़ने या जोर से स्क्रब करने से बचें, क्योंकि इससे जलन और लालिमा की समस्या हो सकती है.
त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे
इस तरह के घरेलू फेस पैक से त्वचा को कुछ समय के लिए फ्रेश और साफ लुक मिल सकता है. कॉफी और लौंग में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक त्वचा की सतह पर मौजूद डलनेस को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसके इस्तेमाल से त्वचा कुछ हद तक स्मूद नजर आ सकती है और चेहरे पर अस्थायी ग्लो दिखाई दे सकता है. हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि लौंग का फेस पैक चेहरे की झुर्रियों या फाइन लाइंस को पूरी तरह खत्म कर देता है. एजिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और उसे रोकने के लिए किसी एक घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना उचित नहीं है.
रोजाना इस्तेमाल करने से पहले बरतें सावधानी
घरेलू नुस्खे प्राकृतिक होने के बावजूद हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित हों, यह जरूरी नहीं है. लौंग जैसी चीजें कुछ लोगों की त्वचा पर जलन, लालिमा या एलर्जी पैदा कर सकती हैं. खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ या त्वचा के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है. अगर खुजली, जलन, लालिमा या सूजन दिखाई दे तो इसे चेहरे पर इस्तेमाल न करें.
सिर्फ फेस पैक से नहीं रुकेगी त्वचा की एजिंग
अगर आप चेहरे को लंबे समय तक स्वस्थ और जवां बनाए रखना चाहते हैं तो सिर्फ घरेलू फेस पैक पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना, तनाव को नियंत्रित करना और नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाना त्वचा की देखभाल के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है. धूप से होने वाला नुकसान समय से पहले एजिंग के प्रमुख कारणों में शामिल हो सकता है. इसलिए घर से बाहर निकलते समय अपनी त्वचा को सूर्य की किरणों से बचाना जरूरी है.
झुर्रियां कम करने के लिए अपनाएं सही स्किन केयर रूटीन
अगर चेहरे पर कम उम्र में ही ज्यादा झुर्रियां, फाइन लाइंस, दाग या त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याएं दिखाई दे रही हैं तो केवल सोशल मीडिया पर वायरल घरेलू नुस्खों पर भरोसा न करें. त्वचा की समस्या लगातार बनी रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. लौंग और कॉफी से बना यह फेस पैक त्वचा को साफ और फ्रेश दिखाने के लिए घरेलू प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे एंटी-एजिंग उपचार या झुर्रियों का वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित इलाज नहीं माना जाना चाहिए.