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Home > लाइफस्टाइल > बच्चे छोटी-छोटी बात पर चिढ़ने क्यों लगते हैं? स्वभाव ठीक करने के लिए क्या करें, समझें कारण और बचाव

बच्चे छोटी-छोटी बात पर चिढ़ने क्यों लगते हैं? स्वभाव ठीक करने के लिए क्या करें, समझें कारण और बचाव

Irritated Child: अक्सर आपने देखा होगा कि, कई बच्चे छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ने लगते हैं. ऐसा होने में पैरेंट्स भी परेशान होने लगते हैं. अगर आपका बच्चा भी आपकी हर बात को सुनी अनसुनी कर देता है और चिढ़ने लगता है, तो यह खबर आपके लिए ही है. अब सवाल है कि आखिर, छोटी-छोटी बात पर बच्चे चिढ़ने क्यों लगते हैं? बच्चों की यह परेशानी कैसे दूर करें? आइए जानते हैं इस बारे में-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 21, 2026 20:40:23 IST

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Irritated Child: हर माता पिता चाहतें हैं कि उनका बच्चा समझदार और संस्कारी बने. इसके लिए पैरेंट्स बच्चे की परवरिश में जीवनभर की कमाई लगा देते हैं. लेकिन, कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो माता-पिता को परेशान कर देते हैं. अक्सर आपने देखा होगा कि, कई बच्चे छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ने लगते हैं. ऐसा होने में पैरेंट्स भी परेशान होने लगते हैं. अगर आपका बच्चा भी आपकी हर बात को सुनी अनसुनी कर देता है और चिढ़ने लगता है, तो यह खबर आपके लिए ही है. अब सवाल है कि आखिर, छोटी-छोटी बात पर बच्चे चिढ़ने क्यों लगते हैं? बच्चों की यह परेशानी कैसे दूर करें? आइए जानते हैं इस बारे में-

छोटी-छोटी बात पर क्यों चिढ़ जाते हैं बच्चे 

बच्चे की कोई भी गलत हरकत पैरेंट्स को परेशान करती है. अगर आपका बच्चा भी आपकी हर बात पर चिढ़ने लगता है और इससे आप परेशान है, तो उसके चिढ़ने के कई कारण हो सकते है. सबसे पहला जब माता-पिता उस पर ज्यादा बंदिशें लगाने लगते हैं. इसके अलावा बच्चों तब ज्यादा चिढ़ने लगते हैं, जब उसका उसके दोस्तों के साथ लड़ाई झगड़ा हो जाता है. 

बच्चे में चिढ़ने का स्वभाव कैसे करें कम

ज्यादा रेस्ट्रिक्शन लगाने से बचें: अगर आप अपने बच्चे के इस स्वभाव को सुधारना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको खुद में बदलाव लाना होगा. अगर आप आपके अंदर बदलाव लेकर आते हैं, तो आपका बच्चा धीरे-धीरे बदल सकता है. इसके लिए आप उसे अच्छे से ट्रीट करें और उस पर जरूरत से ज्यादा रेस्ट्रिक्शन लगाने से बचें.

बच्चे को समय दें: आप अपने बच्चों के साथ बैठकर शांति से बात भी कर सकते हैं. अगर आप अपने बच्चों को समय देंगे, तो बच्चे में खुद ब खुद बदलाव आएगा और आप उसकी परेशानी को भी समझ पाएंगे. इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप आपके बच्चे को कितना समय देते हैं. 

बच्चों को ट्रिप पर ले जाएं: आपका बच्चा भी जरूरत से ज्यादा चिढ़ने लगा है, तो अब आप उसे घर में रखने के बजाय और उसकी पसंद की चीज न करने देने के बजाय, आप उसे फ्री छोड़ दे. जितना आपका बच्चा घूमेगा-फिरेगा, उतना उसका दिमाग फ्रेश रहेगा. ऐसे में आप अपने बच्चों के साथ किसी ट्रिप पर भी जा सकती हैं.

हर वक्‍त सवाल पूछने से बचें: ऑफिस से थके-हारे पेरैंट्स अक्‍सर अपने बच्‍चों के सवालों से च‍िढ़ जाते हैं. लेकिन आपको ये जानकार खुशी होनी चाहिए कि अगर आपका बच्‍चा बार-बार सवाल पूछता है इसका मतलब उसमें चीजों को जानने की ज‍िज्ञासा है. ये उसकी Curiosity का लक्षण है. यानी आपके बच्‍चे को नई-नई जानकारी जानने में रुचि है.

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Last Updated: April 21, 2026 20:40:23 IST

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Irritated Child: हर माता पिता चाहतें हैं कि उनका बच्चा समझदार और संस्कारी बने. इसके लिए पैरेंट्स बच्चे की परवरिश में जीवनभर की कमाई लगा देते हैं. लेकिन, कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो माता-पिता को परेशान कर देते हैं. अक्सर आपने देखा होगा कि, कई बच्चे छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ने लगते हैं. ऐसा होने में पैरेंट्स भी परेशान होने लगते हैं. अगर आपका बच्चा भी आपकी हर बात को सुनी अनसुनी कर देता है और चिढ़ने लगता है, तो यह खबर आपके लिए ही है. अब सवाल है कि आखिर, छोटी-छोटी बात पर बच्चे चिढ़ने क्यों लगते हैं? बच्चों की यह परेशानी कैसे दूर करें? आइए जानते हैं इस बारे में-

छोटी-छोटी बात पर क्यों चिढ़ जाते हैं बच्चे 

बच्चे की कोई भी गलत हरकत पैरेंट्स को परेशान करती है. अगर आपका बच्चा भी आपकी हर बात पर चिढ़ने लगता है और इससे आप परेशान है, तो उसके चिढ़ने के कई कारण हो सकते है. सबसे पहला जब माता-पिता उस पर ज्यादा बंदिशें लगाने लगते हैं. इसके अलावा बच्चों तब ज्यादा चिढ़ने लगते हैं, जब उसका उसके दोस्तों के साथ लड़ाई झगड़ा हो जाता है. 

बच्चे में चिढ़ने का स्वभाव कैसे करें कम

ज्यादा रेस्ट्रिक्शन लगाने से बचें: अगर आप अपने बच्चे के इस स्वभाव को सुधारना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको खुद में बदलाव लाना होगा. अगर आप आपके अंदर बदलाव लेकर आते हैं, तो आपका बच्चा धीरे-धीरे बदल सकता है. इसके लिए आप उसे अच्छे से ट्रीट करें और उस पर जरूरत से ज्यादा रेस्ट्रिक्शन लगाने से बचें.

बच्चे को समय दें: आप अपने बच्चों के साथ बैठकर शांति से बात भी कर सकते हैं. अगर आप अपने बच्चों को समय देंगे, तो बच्चे में खुद ब खुद बदलाव आएगा और आप उसकी परेशानी को भी समझ पाएंगे. इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप आपके बच्चे को कितना समय देते हैं. 

बच्चों को ट्रिप पर ले जाएं: आपका बच्चा भी जरूरत से ज्यादा चिढ़ने लगा है, तो अब आप उसे घर में रखने के बजाय और उसकी पसंद की चीज न करने देने के बजाय, आप उसे फ्री छोड़ दे. जितना आपका बच्चा घूमेगा-फिरेगा, उतना उसका दिमाग फ्रेश रहेगा. ऐसे में आप अपने बच्चों के साथ किसी ट्रिप पर भी जा सकती हैं.

हर वक्‍त सवाल पूछने से बचें: ऑफिस से थके-हारे पेरैंट्स अक्‍सर अपने बच्‍चों के सवालों से च‍िढ़ जाते हैं. लेकिन आपको ये जानकार खुशी होनी चाहिए कि अगर आपका बच्‍चा बार-बार सवाल पूछता है इसका मतलब उसमें चीजों को जानने की ज‍िज्ञासा है. ये उसकी Curiosity का लक्षण है. यानी आपके बच्‍चे को नई-नई जानकारी जानने में रुचि है.

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