World’s Heaviest Woman Rosalie Bradford: दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनके शरीर की बनावट बाकी लोगों से थोड़ी अलग है. कुछ लोग बहुत ज्यादा पतले होते हैं, तो कुछ इतने ज्यादा मोटे होते हैं कि उनका शरीर ही उनकी आजादी छीन लेता है. एक ऐसी ही महिला थीं अमेरिका की रोसैली ब्रैडफोर्ड (Rosalie Bradford). वह दुनिया की सबसे भारी महिला थीं, जिनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज था. रोसैली ब्रैडफोर्ड का वजन लगभग 544 किलोग्राम तक पहुंच गया था, जिससे उनकी आजादी छिन गई थी. दरअसल, भारी वजन के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं. उनका मोटापा इतना ज्यादा बढ़ गया था कि वह खुद से बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थीं. इसके चलते उन्हें दूसरों का सहारा लेना पड़ता था. पढ़ें दुनिया की सबसे भारी महिला के संघर्ष की कहानी…
कैसे बढ़ा 500 किलो तक वजन?
दुनिया की सबसे भारी महिला रोसैली ब्रैडफोर्ड का जन्म अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में हुआ था. बचपन में ही उन्होंने अपनी मां को खो दिया था. इसके बाद वह अपनी सौतेली मां के साथ रहने लगीं, लेकिन उनके साथ रिश्ते खराब होने की वजह से रोसैली तनाव में रहती थीं. इस तनाव को दूर करने के लिए रोसैली ब्रैडफोर्ड ने खाने को सहारा बनाया और ज्यादा खाने लगीं. उनका भोजन बेहद पसंद आने लगा और समय के साथ-साथ उन्हें ‘फूड एडिक्शन’ हो गया. इसका मतलब है कि उन्हें खाना खाने की लत लग गई. वह हद से ज्यादा खाने लगीं, जिसके बाद उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा. सिर्फ 15 साल की उम्र में ही रोसैली का शरीर काफी ज्यादा भारी हो गई. कम उम्र में ही उनका वजन 100 किलो से ज्यादा पहुंच गया.
गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम
रोसैली ब्रैडफोर्ड ने बाद में शादी की. मां बनने के बाद उनका वजन और भी ज्यादा बढ़ने लगा. इसी दौरान उन्हें एक इंफेक्शन हो गया, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा. फिर क्या था बिस्तर पर पड़े रहने की वजह से उनका वजन और भी ज्यादा बढ़ने लगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो उनका वजन 544 किलो तक पहुंच गया था. हालात इतने खराब हो गए थे कि वह खुद से बिस्तर से भी नहीं उठ पा रही थीं. इसके लिए उन्हें कई लोगों की सहारा लेना पड़ता था. इस भारी वजन ने उनकी जीवन मुश्किल कर दिया था. इसी के साथ उन्होंने एक अनचाहा वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. दरअसल, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम दुनिया की सबसे भारी महिला के रूप में दर्ज किया गया.
फिर शुरू हुआ वजन घटाने का सफर
रोसैली ब्रैडफोर्ड के लिए भारी शरीर के साथ जीवन जीना काफी मुश्किल हो गया था. इससे परेशान होकर उन्होंने सुसाइड करने का भी प्रयास किया था, लेकिन गनीमत रही कि उनकी जान बच गई. फिर उनकी मुलाकात रिचर्ड सिमंस जैसे फिटनेस एक्सपर्ट्स से हुई. एक्सपर्ट्स ने रोसैली को वजन कम करने के लिए मोटिवेशन दी. इसके बाद शुरू हुआ वजन कम करने का सफर. उन्होंने हिम्मत जुटाई और वजन कम करने की लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी. रोसैली ब्रैडफोर्ड ने सख्त हेल्दी डाइट लेना शुरू किया और रोजाना एक्सरसाइज करने लगी. इससे उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत के दम पहर 400 किलो से ज्यादा वजन कम किया, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है.
2006 में हुई मौत
400 किलो से ज्यादा वजन कम करने के बाद भी रोसैली की मुश्किलें बढ़ गईं. दरअसल, वजन घटाने के बाद उनके शरीर पर त्वचा लटकने लगी. इसके चलते उनके शरीर से स्किन को हटाने के लिए कई बार सर्जरी करानी की जरूरत पड़ी. सर्जरी की वजह से उनके सामने नई परेशानियां खड़ी हो गईं. इन सभी समस्याओं से जूझते हुए रोसैली ब्रैडफोर्ड ने की 63 साल के उम्र में मौत हो गई.