रातों-रात स्टार बनीं ‘परदेस’ की गंगा, फिर चेहरे में धंसे 67 कांच के टुकड़े… एक हादसे ने बदल दी पूरी जिंदगी
Mahima Chaudhry: बॉलीवुड में कुछ सितारों की शुरुआत इतनी शानदार होती है कि लगता है जैसे उनकी जिंदगी में सिर्फ कामयाबी ही लिखी हो. महिमा चौधरी भी ऐसी ही अभिनेत्री थीं। फिल्मी दुनिया में कदम रखा तो पहली ही फिल्म ने उन्हें रातों-रात पहचान दिला दी. ‘परदेस’ की गंगा बनकर उन्होंने दर्शकों के दिल में ऐसी जगह बनाई कि हर तरफ उन्हीं की चर्चा होने लगी. लेकिन समय बदला शोहरत के इस दौर के बीच उनकी जिंदगी ने अचानक ऐसा मोड़ लिया, जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया.
परदेस से रातोंरात बनीं स्टार
13 सितंबर को जन्मीं महिमा चौधरी के लिए 'परदेस' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी बल्कि उनके करियर की ऐसी शुरुआत थी जिसने उन्हें सीधे बॉलीवुड की बड़ी एक्ट्रेस की कतार में ला खड़ा किया. शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया और महिमा के मासूम अंदाज ने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया.
कार हादसे का हो गईं शिकार
साल 1999 में महिमा एक कार हादसे का शिकार हो गईं. वह शूटिंग के सिलसिले में जा रही थीं, तभी उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया. हादसा इतना भयानक था कि कार के शीशे टूटकर उनके चेहरे में जा धंसे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले गए थे.
ट्रीटमेंट के बावजूद चेहरे पर निशान
एक ऐसी एक्ट्रेस, जिसका चेहरा ही उसके काम का सबसे बड़ा हिस्सा था, अचानक अस्पताल के कमरे में पहुंच गई थी. उनके चेहरे पर चोटों के निशान थे और आगे क्या होगा, यह किसी को पता नहीं था. उस वक्त महिमा के लिए सिर्फ दर्द ही नहीं बल्कि अपने करियर को लेकर डर भी उतना ही बड़ा था.
आईना देखने से लगता था डर
कई सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उनके चेहरे से कांच के टुकड़े निकाले. महिमा ने बाद में बताया था कि उस हादसे के बाद उन्होंने खुद को आईने में देखने से भी डरना शुरू कर दिया था. सोचिए, जिस चेहरे ने उन्हें लाखों लोगों की पहचान बनाया था, उसी चेहरे को लेकर वह खुद असमंजस में थीं.
हादसे के बाद कीं ये फिल्में
इसके बावजूद महिमा ने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला और जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की. हादसे ने उनके करियर की रफ्तार जरूर बदल दी, लेकिन उनके हौसले को नहीं तोड़ पाया.हादसे के बाद उन्होंने 'धड़कन', 'लज्जा' और 'दिल है तुम्हारा' जैसी कुछ फिल्मों में काम किया. हालांकि पहले जैसी सक्रियता नहीं दे पाईं.
कैंसर से जीती जंग
निजी जीवन की समस्याओं और बाद उन्हें साल 2022 में कैंसर से लड़ना पड़ा. महिमा चौधरी को साल 2022 में स्तन कैंसर (Breast Cancer) हो गया था. महिमा चौधरी अब एक 'कैंसर सर्वाइवर' के रूप में महिलाओं के बीच स्तन कैंसर और नियमित जांच के प्रति जागरुकता फैला रही हैं.