जिसे बचपन में ही अपना पति मान बैठी थीं सायरा बानो, उसी ने साथ काम करने से किया इंकार; फिर उस रात जो हुआ…
Saira Bano-Dilip Kumar Love Story: हिंदी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस सायरा बानो बचपन से ही दिलीप कुमार की दीवानी थीं. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस अभिनेता को वह अपना सपना मानती हैं, एक दिन वही उनके जीवनसाथी बनेंगे. दोनों की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी. एक बार सायरा के जन्मदिन पर उनकी मां ने दिलीप कुमार को पार्टी में बुलाया था, जब वह वहां पहुंचे तो सायरा को देख हैरान रह गए. वह साड़ी में किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थीं.
12 साल की उम्र में लिया था फैसला
सायरा बानो करीब 12 साल की थीं, जब दिलीप कुमार की फिल्म देखते हुए उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वह बड़ी होकर उन्हीं से शादी करेंगी. मां ने इसे बचपन की बात समझकर टाल दिया, लेकिन यह सपना सच हो गया.
दिलीप कुमार के लिए सीखने लगीं सितार और उर्दू
लंदन में पढ़ाई के दौरान भी सायरा बानो के दिल में दिलीप कुमार बसे रहे. उनकी पसंद जानकर सायरा ने सितार सीखना शुरू किया. दिलीप कुमार उर्दू में माहिर थे, इसलिए सायरा ने उर्दू सीखने में भी खास दिलचस्पी दिखाई.
जन्मदिन की पार्टी में पहली बार ठहरी नजर
23 अगस्त 1966 को सायरा के जन्मदिन पर उनकी मां ने पार्टी रखी थी. सायरा खूबसूरत साड़ी पहनकर पहुंचीं. तभी दिलीप कुमार की एंट्री हुई. उन्हें देखकर दिलीप साहब की नजर ठहर गई और उन्होंने सायरा को पहली बार खूबसूरत महिला के रूप में देखा.
आठ दिन में शादी का प्रस्ताव
पार्टी के अगले दिन दिलीप कुमार ने सायरा को फोन किया. इसके बाद दोनों की मुलाकातें बढ़ने लगीं. करीब आठ दिन बाद दिलीप कुमार ने सायरा के परिवार से मुलाकात कर शादी की इच्छा जाहिर कर दी. सायरा का बचपन का सपना सच हो चुका था.
22 साल छोटी सायरा बनीं दिलीप की हमसफर
11 अक्टूबर 1966 को सायरा बानो और दिलीप कुमार ने निकाह कर लिया. उस वक्त सायरा 22 और दिलीप कुमार 44 साल के थे. 22 साल की उम्र के अंतर के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को मजबूती से निभाया और कई उतार-चढ़ाव साथ देखे.
आखिरी सांस तक दिल में रहे 'साहब'
दिलीप कुमार के जीवन में मुश्किल दौर भी आया, लेकिन आखिरकार वह सायरा के साथ रहे. 7 जुलाई 2021 को उनके निधन के बाद सायरा पूरी तरह टूट गईं. आज भी वह उनकी यादों को संजोकर रखती हैं और उन्हें प्यार से 'साहब' कहती हैं.