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भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चल रही चर्चा के बीच BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड वीवीएस लक्ष्मण और बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने फिटनेस क्लीयरेंस की प्रक्रिया पर सफाई दी है. दोनों अधिकारियों ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खिलाड़ियों की मौजूदा फिटनेस स्थिति की जानकारी जुटाकर सेलेक्शन कमिटी और हेड कोच को भेजता है. इसके बाद सेलेक्शन कमिटी खिलाड़ी की उपलब्धता और फिटनेस को ध्यान में रखकर फैसला करती है.
यानी फिटनेस रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की होती है, जबकि सेलेक्शन का फैसला सेलेक्टर्स करते हैं. भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर भी इसी प्रोसेस पर सवाल उठे थे. बुमराह को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोट लगी थी, जिसके कारण वह लॉर्ड्स में खेले गए आखिरी मुकाबले से बाहर हो गए थे. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को उम्मीद थी कि वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज तक फिट हो जाएंगे.
वीवीएस लक्ष्मण ने बताई फिटनेस रिपोर्ट की प्रक्रिया
इसी वजह से उन्हें टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनकी भागीदारी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर थी. बाद में चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई और मेडिकल टीम ने जोखिम नहीं लेने का फैसला किया. इसके बाद बुमराह को टीम से रिलीज कर दिया गया. वीवीएस लक्ष्मण ने प्रोसेस समझाते हुए कहा, “सेलेक्टर्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से खिलाड़ी की फिटनेस स्थिति की रिपोर्ट मांगता है. इसके बाद हम मौजूदा फिटनेस स्थिति इकट्ठा करके सेलेक्शन कमिटी के अध्यक्ष को रिपोर्ट भेजते हैं.
साई सुदर्शन भी फिटनेस के कारण हुए बाहर
बल्लेबाज साई सुदर्शन का मामला भी बुमराह से मिलता-जुलता रहा. सुदर्शन ने श्रीलंका ए के खिलाफ दो ए टेस्ट मैचों में लगातार दो शतक लगाए थे, लेकिन दूसरे मुकाबले के दौरान चोटिल हो गए. इसके बाद वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे थे. उन्हें भी श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिटनेस क्लीयरेंस की शर्त पर चुना गया था, लेकिन वह समय पर पूरी तरह फिट नहीं हो सके. 8 अगस्त को उन्हें सीरीज से बाहर कर दिया गया. बुमराह और सुदर्शन के मामलों के बाद बीसीसीआई की फिटनेस क्लीयरेंस प्रोसेस एक बार फिर चर्चा में आ गई है.
बल्लेबाज साई सुदर्शन का मामला भी बुमराह से मिलता-जुलता रहा. सुदर्शन ने श्रीलंका ए के खिलाफ दो ए टेस्ट मैचों में लगातार दो शतक लगाए थे, लेकिन दूसरे मुकाबले के दौरान चोटिल हो गए. इसके बाद वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे थे. उन्हें भी श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिटनेस क्लीयरेंस की शर्त पर चुना गया था, लेकिन वह समय पर पूरी तरह फिट नहीं हो सके. 8 अगस्त को उन्हें सीरीज से बाहर कर दिया गया. बुमराह और सुदर्शन के मामलों के बाद बीसीसीआई की फिटनेस क्लीयरेंस प्रोसेस एक बार फिर चर्चा में आ गई है.