इंग्लैंड के तूफानी तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. मार्क वुड इंग्लैंड के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक रहे हैं. उन्होंने तुरंत प्रभाव से संन्यास का ऐलान करके सभी को हैरान कर दिया है. वुड काफी समय से चोटों से जूझ रहे थे. चोटें इतनी गंभीर हो गईं कि वह अब अपना करियर आगे जारी नहीं रख सकते.
चोट की वजह से खत्म हुआ करियर
मार्क वुड को सबसे पहले कोहनी में चोट लगी थी. इसके बाद, उनकी घुटने की सर्जरी हुई और वह 15 महीने तक मैदान से बाहर रहे. उन्होंने पिछले साल नवंबर में पर्थ में खेले गए पहले एशेज टेस्ट के दौरान वापसी की थी. हालांकि, उस मैच में वह सिर्फ 11 ओवर ही गेंदबाजी कर पाए क्योंकि उनके बाएं घुटने में सूजन आ गई थी. उन्हें मैदान छोड़कर इलाज के लिए वापस घर लौटना पड़ा था. उसके बाद से उन्होंने इंग्लैंड के लिए एक भी मैच नहीं खेला है.
सोशल मीडिया पर दिया बयान
मार्क वुड ने इंस्टाग्राम के जरिए अपने संन्यास की घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है. पिछले साल की घटनाओं को देखते हुए, शायद यह किसी के लिए हैरानी की बात नहीं है, लेकिन जैसे ही मेरा कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो रहा है, मुझे यह सही फैसला लग रहा है. मैंने हमेशा चुनौतियों का सामना किया है और चोटों से उबरने की कोशिश की है; मैंने कमबैक करके लोगों को गलत भी साबित किया है. हालांकि, इस बार मैं यह जंग हार गया हूँ. मेडिकल सलाह बताती है कि अब टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेलना संभव नहीं है. पिछले एक साल में, इंग्लैंड के लिए खेलने का मेरा सपना धीरे-धीरे धुंधला होता गया.’
‘इंग्लैंड के लिए खेलना मेरे लिए गर्व की बात’
मार्क वुड ने आगे कहा, ‘इंग्लैंड के लिए खेलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. यह हमेशा एक सपने के सच होने जैसा रहा है. मेरे अंदर का बच्चा इतना क्रिकेट खेलने पर बहुत खुश होता. दुनिया भर की यात्रा करना, लोगों से मिलना और शानदार खिलाड़ियों के साथ खेलना, मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूँ. मैंने हमेशा वही किया है जिससे मुझे वास्तव में प्यार है.’
आपको बता दें कि मार्क वुड ने इंग्लैंड के लिए 38 टेस्ट मैचों में 119 विकेट लिए हैं. इसके अलावा, उन्होंने 70 वनडे मैचों में 80 विकेट अपने नाम किए हैं. वुड ने 38 टी20 मैचों में भी 54 विकेट चटकाए हैं.