पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि अगर श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में विराट कोहली टीम का हिस्सा होते, तो भारत यह मुकाबला जीत सकता था. कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला गया यह टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ.
मोहम्मद कैफ ने क्या कहा?
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कैफ ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में लगातार ऊर्जा बनाए रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि विराट कोहली मैदान पर होते तो अपनी आवाज़ और जोश से पूरी टीम को लगातार एक्टिव रखते. भारतीय गेंदबाजों ने यह सोचकर ढिलाई बरत दी कि गेंद टर्न हो रही है तो विकेट अपने आप मिल जाएगा.
कैफ के मुताबिक, टीम को जिस बल्लेबाज (सोनल दिनुशा) को आउट करने पर ध्यान देना चाहिए था, उस पर कोई दबाव नहीं बनाया गया. भारतीय खिलाड़ी मुख्य बल्लेबाज की जगह लाहिरू कुमारा से उलझ रहे थे.
अनुभवी खिलाड़ियों की कमी खली
मैच के दौरान स्टंप माइक में सोनल दिनुशा को लाहिरू कुमारा से यह कहते सुना गया, ‘अब जरा इनके चेहरे देखो’. कैफ ने कहा कि दिनुशा जिस निडरता से बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे साफ था कि उन पर भारतीय गेंदबाजों का कोई दबाव नहीं था. मैदान पर स्लेजिंग या मानसिकता से दबाव बनाने की कमी साफ दिखी. ऐसे मौकों पर विराट कोहली, रोहित शर्मा, एमएस धोनी और रविचंद्रन अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी की कमी साफ महसूस हुई, जो अपनी मौजूदगी मात्र से विरोधी टीम पर दबाव बना देते थे.
मैच का हाल
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 503 रन बनाकर पारी घोषित की थी. जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रनों पर सिमट गई. भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 6 विकेट गंवा दिए थे और वे सिर्फ 16 रन आगे थे, जिससे भारत की जीत तय मानी जा रही थी.
लेकिन पांचवें दिन सोनल दिनुशा (133*) ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर शानदार खेल दिखाया. श्रीलंका ने 9 विकेट पर 429 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की और भारत पर 216 रनों की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद दोनों टीमों ने मैच को ड्रॉ पर समाप्त करने का फैसला किया.