बीते दिनों झारखंड में एक किशोरी युवती ने अपने प्रेमी और उसके तीन साथियों के साथ मिलकर अपनी मां की निर्मम हत्या कर दी. उन्होंने पहले तकिए से महिला का मुंह दबाया और फिर गला घोंटकर उनकी जान ले ली. तड़प-तड़प कर जिदंगी की भीख मांगती रही मां, लेकिन बेटी का नहीं पसीजा दिल. मां की मौत के बाद बेटी ने झूठ का नाटक रचा और रिश्तोंदारों को कहा कि बाथरूम में गिरने से उनकी मां की मौत हो गई.
कैसे की गई हत्या?
24 अप्रैल को एक किशोरी ने अपने प्रेमी अरबाज और उसके तीन साथियों के साथ मिलकर अपनी मां नाहिदा परवीन की हत्या कर दी. आरोप है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए किशोरी ने करीब 12 लाख रुपये दिए थे. जांच के मुताबिक, आरोपियों ने शुक्रवार रात उस वक्त अपनी योजना को अंजाम दिया, जब परवीन घर में सो रही थीं. इसी दौरान एक आरोपी ने उनके मुंह पर तकिया दबाया, दूसरे ने उनके हाथ पकड़ लिए, जबकि तीसरे ने उनके पैर काबू में कर लिए. बताया जा रहा है कि परवीन ने खुद को बचाने की कोशिश की, जिसके दौरान उनकी गर्दन पर गंभीर चोट आई और काफी खून बहा. आखिरकार इन्हीं चोटों के चलते उनकी मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने की कोशिश भी की. उन्होंने शव को डीप फ्रीजर में रख दिया, जबकि बिस्तर को हटाकर घर के पास एक पेड़ के पास छिपा दिया.
यह खबर भी पढ़ें: चेहरे पर केक लगाने पर कर दी थी 3 दोस्तों की हत्या, आरोपी जीतू सैनी एनकाउंटर में ढेर, पुलिसकर्मी भी हुए घायल
रचा झूठ का नाटक
हत्या की अगली सुबह, 17 वर्षीय युवती ने अपने रिश्तेदारों को फोन करके बताया कि बाथरूम में गिरने से मां परवीन की अचानक मृत्यु हो गई. अगले दिन शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. लेकिन परवीन की गर्दन पर चोट के निशान देखने के बाद कुछ रिश्तेदारों को शक होने लगा. परवीन के बहनोई ने रविवार को लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने नाबालिग लड़की को हिरासत में ले लिया और बिहार के गया से उसके प्रेमी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ करने पर किशोरी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह अपने प्रेमी को पैसे देती थी, जिसके कारण घर में अक्सर झगड़े होते थे.
क्यों रची मौत की साजिश?
मनीटोला निवासी नाहिदा परवीन अपनी 17 वर्षीय गोद ली हुई पुत्री के साथ रहती थीं. चार साल पहले विद्युत विभाग में कार्यरत उनके पति की मृत्यु के बाद, परवीन को 45 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा मिला, जिसमें उनकी पुत्री एकमात्र लाभार्थी थीं. किशोरी अक्सर बैंक खाते से पैसे निकाल कर अपने 20 वर्षीय प्रेमी अरबाज को दे देती थी. जब परवीन को इस बात का पता चला, तो उसने इस पर रोक लगा दी, जिसके चलते उसकी बेटी और उसके प्रेमी ने उसकी आलोचना की. इसी के बाद किशोरी ने प्रेमी संग मिलकर मां को रास्ते से हटाने का प्लान किया.