Bihar Flood: बिहार में बाढ़ के कारण लोगों में हाहाकार है. 14 जिले की 491 पंचायत क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. इसके कारण 35 लाख से ज्यादा लोगों पर इसका असर हो गया है. पटना से भागलपुर तक लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है. NH-80 तक पानी भर गया है, जिसके कारण गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई है. सड़कें नदियां बन चुकी हैं. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टर पानी में खड़े नजर आ रहे हैं. आइए जानते हैं बिहार में हालात कैसे हैं?
जानकारी के अनुसार, पटना में जलस्तर बढ़ने का असर निचले स्तर पर भी देखने को मिल रहा है. दीदारगंज चेक पोस्ट के पास गंगा के किनारे ट्रैक्टर का यार्ड है, जो पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. पानी में सैकड़ों ट्रैक्टर एक साथ खड़े हैं. यार्ड में खड़े ट्रैक्टर और फार्म मशीनरी बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं.
जलस्तर कम लेकिन खतरा वही
सोमवार 7 सितंबर को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पटना के दीघा घाट और गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर पहले से 16 सेमी कम हो गया है लेकिन फिर भी जलस्तर खतरे के निशान के पार है. बहुत से गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. वे नाव के सहारे सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. पटना के घाटों पर लोगों की भीड़ लगी हुई है, ताकि वे नाव के सहारे सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं.
अंतिम संस्कार कर पाना मुश्किल
बाढ़ के कारण हालात इतने खराब हो गए हैं कि अंतिम संस्कार कर पाना भी मुश्किल है. कहा जा रहा है कि घाट किनारे अंतिम संस्कार करने के लिए जगह नहीं है. गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. अगर श्मशान घाट पर एक साथ एक से ज्यादा शव पहुंच जाएं, तो उनका अंतिम संस्कार कर पाना मुश्किल हो जाएगा.
सितंबर में बारिश
इस बार सितंबर के महीने में बिहार में 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. ये आंकड़ा सामान्य से 69 फीसदी ज्यादा है. पूरे मानसून की बात करें, तो 1 जून से 5 सितंबर तक राज्य में कुल 582.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. ये आंकड़ा सामान्य से 27 फीसदी कम है. जून से अगस्त के बीच बारिश कम रही.
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