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Delhi Excise Scam 2022 Controversy: अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया भी करेंगे ‘गांधीगिरी’

Delhi Excise Scam 2022 Controversy: अरविंद केजरीवाल की तरह ही मनीष सिसोदिया भी दिल्ली शराब नीति घाटाला मामले सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में पेश नहीं होंगे.

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Last Updated: 2026-04-28 11:33:25

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Delhi Excise Scam 2022 Controversy: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले (Delhi Liquor Policy Scam Case) में फंसे पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता मनीष सिसोदिया (AAP Leader Manish Sisodia) ने भी दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Swarana Kanta Sharma) का बहिष्कार करने का फैसला लिया है. अरविंद केजरीवाल की तरह ही मनीष सिसोदिया ने भी स्वर्णकांता शर्मा को चिट्ठी लिखकर कहा- मैं भी नहीं आऊंगा. इसका मतलब यह है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट में ना तो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पेश होंगे और ना ही वकील ही सुनवाई में शामिल होंगे. 

दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने चिट्ठी में विस्तार से कई और बातें भी लिखी हैं. मनीष सिसोदिया का यह कदम यह कदम अरविंद केजरीवाल के कदम का समर्थन में बताया जा रहा है. बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को खत लिखकर न्याय की उम्मीद न होने की बात कही  थी.

क्या लिखा है मनीष सिसोदिया ने चिट्ठी में

अत्यंत आदर और सम्मान के साथ मैंने दिल्ली उच्च न्यायालय की माननीय न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा को एक पत्र लिखा है. इसमें मैंने अनुरोध किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मेरा अंतर्मन मुझे उनके समक्ष इस मामले की कार्यवाही में आगे भाग लेने की अनुमति नहीं देता है. मेरे लिए यह किसी विशेष व्यक्ति का प्रश्न नहीं है, बल्कि उस भरोसे का प्रश्न है जिस पर हमारी न्याय व्यवस्था टिकी है कि न्याय न केवल निष्पक्ष होना चाहिए, बल्कि हर नागरिक को निष्पक्ष प्रतीत भी होना चाहिए. मैं यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि न्यायपालिका और संविधान में मेरा विश्वास पूरी तरह से अडिग है, परंतु जब मन में गंभीर संदेह बने रहते हैं तो मेरे लिए केवल औपचारिक रूप से कार्यवाही में भाग लेना उचित नहीं है.

मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को लिखी चिट्ठी में यह भी कहा कि उनकी तरफ से भी कोई वकील पेश नहीं होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता जी के हाथों में है. मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है. अब मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. इससे पहले सोमवार को ही अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी चिट्ठी में कहा था कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद नहीं दिख रही है. अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि वह न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही अपने वकील को भेजेंगे.

यह भी पढ़ें:  बिना लड़े ही हार गए अरविंद केजरीवाल! HC की जज को लिखा पत्र, बोले- टूटी न्याय की आस

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Delhi Excise Scam 2022 Controversy: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले (Delhi Liquor Policy Scam Case) में फंसे पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता मनीष सिसोदिया (AAP Leader Manish Sisodia) ने भी दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Swarana Kanta Sharma) का बहिष्कार करने का फैसला लिया है. अरविंद केजरीवाल की तरह ही मनीष सिसोदिया ने भी स्वर्णकांता शर्मा को चिट्ठी लिखकर कहा- मैं भी नहीं आऊंगा. इसका मतलब यह है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट में ना तो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पेश होंगे और ना ही वकील ही सुनवाई में शामिल होंगे. 

दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने चिट्ठी में विस्तार से कई और बातें भी लिखी हैं. मनीष सिसोदिया का यह कदम यह कदम अरविंद केजरीवाल के कदम का समर्थन में बताया जा रहा है. बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को खत लिखकर न्याय की उम्मीद न होने की बात कही  थी.

क्या लिखा है मनीष सिसोदिया ने चिट्ठी में

अत्यंत आदर और सम्मान के साथ मैंने दिल्ली उच्च न्यायालय की माननीय न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा को एक पत्र लिखा है. इसमें मैंने अनुरोध किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मेरा अंतर्मन मुझे उनके समक्ष इस मामले की कार्यवाही में आगे भाग लेने की अनुमति नहीं देता है. मेरे लिए यह किसी विशेष व्यक्ति का प्रश्न नहीं है, बल्कि उस भरोसे का प्रश्न है जिस पर हमारी न्याय व्यवस्था टिकी है कि न्याय न केवल निष्पक्ष होना चाहिए, बल्कि हर नागरिक को निष्पक्ष प्रतीत भी होना चाहिए. मैं यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि न्यायपालिका और संविधान में मेरा विश्वास पूरी तरह से अडिग है, परंतु जब मन में गंभीर संदेह बने रहते हैं तो मेरे लिए केवल औपचारिक रूप से कार्यवाही में भाग लेना उचित नहीं है.

मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को लिखी चिट्ठी में यह भी कहा कि उनकी तरफ से भी कोई वकील पेश नहीं होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता जी के हाथों में है. मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है. अब मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. इससे पहले सोमवार को ही अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी चिट्ठी में कहा था कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद नहीं दिख रही है. अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि वह न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही अपने वकील को भेजेंगे.

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