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Delhi Traffic: दिल्ली में कांवड़ियों का आगमन बढ़ता जा रहा है. हर-हर महादेव के जयकारे से राजधानी की हर सड़क गुलजार है, लेकिन इसका एक सियाह पहलू भी सामने आ रहा है.
तीर्थयात्रा मार्गों के किनारे रहने वाले निवासियों का कहना है कि कांवड़ यात्रियों की वजह से काफी समस्या हो रही है, कई घंटे सड़क पर जाम लग रहा है और लोगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
व्यस्त दिन और भारी तैनाती
कांवड़ियों का पहला समूह शनिवार को राजधानी में दाखिल हुआ, और सबसे ज्यादा आवाजाही 9 से 11 अगस्त के बीच होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांवड़ मार्गों और शिविरों में 15,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, लेकिन कई निवासियों का कहना है कि शोर और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई बेहद अनियमित रही है.
दिल्ली के कुछ सबसे व्यस्त मार्गों, जैसे रिंग रोड, मथुरा रोड, वज़ीराबाद रोड, जीटी रोड, रोहतक रोड और नजफगढ़ रोड से होकर आठ निर्धारित मार्ग गुजरते हैं. पुलिस ने यात्रियों से व्यस्त समय में इन मार्गों से बचने का आग्रह किया है. रविवार से प्रतिबंध और सख्त हो जाएंगे, जिसके तहत अप्सरा बॉर्डर और यमुना ब्रिज के बीच जीटी रोड 9 अगस्त को सुबह 7 बजे से 12 अगस्त को रात 8 बजे तक आम यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहेगा.
शोरगुल से लोगों को हो रही समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कांवड़ियों को ले जाने वाले वाहनों में बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगे होते हैं, जो आसपास के घरों की खिड़कियों को हिला देने के लिए काफी तेज़ होते हैं. फ्रेंड्स कॉलोनी ईस्ट आरडब्ल्यूए की त्रिवेनी महाजन ने बताया कि इस साल समस्या और भी गंभीर हो गई है क्योंकि भारी बारिश के कारण मथुरा रोड और रिंग रोड जैसी सड़कों पर यातायात पहले से ही जाम है, जिसका मतलब है कि तेज़ आवाज़ वाले स्पीकर वाले ट्रक अक्सर लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहते हैं, जिससे परेशानी बढ़ जाती है.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कुछ वाहनों को रोककर उनके साउंड सिस्टम की आवाज़ कम करने या उन्हें बंद करने के लिए कहा गया है, हालांकि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. बता दें कि दिल्ली यातायात पुलिस ने 306 नियंत्रण चौकियां और 308 कांवड़ शिविर स्थापित किए हैं, जिन्हें लगभग 2,000 यातायात कर्मियों का सहयोग प्राप्त है, जिनमें से 644 पूर्वी दिल्ली में दिल्ली-यूपी सीमा के पास तैनात हैं. डीसीपी (ट्रैफिक) के रमेश ने बताया कि कर्मियों को यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की ओर निर्देशित करने के निर्देश दिए गए हैं.