Divyansh Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुरुकुल में 11 वर्षीय दिव्यांश की हत्या में महंत सौरभ मिश्रा (29) और उसकी प्रेमिका हर्षिता सोनी का पुलिस ने गिरफ्तार किया है. महंत सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया पर आरोप है कि लखनऊ के रामानुज भागवत वेद विद्या पीठ में 11 वर्षीय भांजे दिव्यांश को गुरुकुल में पीट-पीटकर मार डाला. दिव्यांश उसका रिश्ते में भांजा था. इसमें हैरत की बात यह है कि जब कन्हैया कलियुग का कंश बना और उसने अपने ही भांजे की तड़पा-तड़पाकर हत्या की तो प्रेमिका हर्षिता सोनी भी साथ थी. गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को दिव्यांश के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने सबूतों के आधार पर सौरभ मिश्रा और उसकी गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी को गिरफ्तार कर लिया. यह भी पता चला है कि प्रेमिका ने हत्या के बाद सबूत मिटाने में उसने प्रेमी सौरभ मिश्रा की मदद की थी.
आखिर क्यों की हत्या
महंत सौरभ ने कबूल किया है कि उसका भांजा दिव्यांश शैतानी करता था और गुरुकुल की परंपरा के मुताबिक ढल नहीं पा रहा था. उसकी शैतनियां परेशान करने वाली थीं. पिछले करीब एक सप्ताह से उसकी शैतानियां बढ़ गई थीं. इसके चलते सौरभ अपने भांजे से चिढ़ने लगा था.
कैसे की हत्या?
सौरभ के कबूलनामे के मुताबिक, दिव्यांश की शैतानियों से वह चिढ़ने लगा था. 21 अप्रैल, 2026 को आपा खो दिया. सौरभ ने दिव्यांश को नंगे पांव घंटों धूप में खड़ा किया. इसके बाद भी दिल नहीं भरा तो रातभर थप्पड़ मारे. इस दौरान कई बार चप्पल, लात-घूसों से पिटा. आखिरकार कपड़े उतरवाकर पीठ पर डंडे मारे. इस दौरान सिर में चोट लगने से दिव्यांश ने दम तोड़ दिया. जब सौरभ मिश्रा ने पाया कि उसका भांजा मर चुका है तो वह वह कार से शव कानपुर में महाराजपुर के गौरिया गांव स्थित उसके घर के बाहर छोड़कर भाग आया.
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क्या गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी का रोल
लखनऊ पुलिस की जांच में सामने आया है कि महंत सौरभ मिश्रा ने जब अपने भांजे दिव्यांश की हत्या को तो उस दौरान उसकी प्रेमिका हर्षिता सोनी (23) भी उसके साथ थी. जांच में यह बात भी सामने आई है कि हर्षिता ने सुबूत मिटाने के लिये गुरुकुल के CCTV तोड़ दिये थे.
गौरतलब है कि 15 अप्रैल, 2026 को ही दिव्यांश के पिता ने अपने 11 साल के बेटे को सौरभ मिश्रा के गुरुकुल में दाखिला दिलाया था. सौरभ मिश्रा रिश्ते में दिव्यांश का मामा लगता था, इसलिए पिता भी निश्चिंत हो गए थे कि उनका बच्चा सुरक्षित हाथों में है.