BJP MLA Pritam Lodhi Son News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर से बीजेपी के विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी पिता की सत्ता का घमंड सर चढ़कर बोल रहा है. हाल ही में उसने करैरा नगर में फिर से गुंडागर्दी की है. सत्ता के नशे में चूर इस व्यक्ति ने पांच लोगों पर थार चढ़ा दी.
थार चढाने के बाद उसने उन लोगों को अस्पताल भी नहीं भेजा, बल्कि वह जिम करने चला गया. हद तो तब हो गयी जब उसने लोगों पर ही आरोप लगा दिया कि हॉर्न बजा रहे थे, फिर भी सड़क पर बाइक क्यों लहरा रहे थे. बता दें कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी बिगड़ैल दिनेश लोधी ने क्षेत्र में गुंडागर्दी की है. एमपी में बीजेपी की नई सरकार बनने के 20 दिन बाद ही उसने ग्वालियर में एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी.
बाप की सत्ता के नशे में चूर
दिनेश लोधी पर अपने पिता की सत्ता का नशा इस कदर चढ़ा हुआ था कि वह पुलिस वालों के सामने कह रहा था कि बाप हमारा विधायक है. वह तो मर्डर भी निपटा देगा, इसलिए तुम लोग घर जाओ. पुलिस बेबस होकर चुपचाप सरेराह आतंक मचाने वाले दिनेश लोधी की सुनती रही. दिनेश लोधी का आतंक इतना ज्यादा है कि शिवपुरी पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
पांच लोगों पर चढ़ा दी थार
दिनेश लोधी ने करैरा बाजार में पांच लोगों पर थार चढ़ा दी. इस घटना में सभी 5 लोगों को चोटें आई हैं. उनका अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है. इन पीड़ितों ने विधायक के बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है. विधायक पुत्र से जब इस लापरवाही के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि ब्रेक है. सायरन दे रहा हूं, हॉर्न दे रहा हूं… तो लहरा काहे रहा था. वह सड़क पर ही पीड़ितों को धमकाने लगा.
बता दें कि बीजेपी विधायक का बिगडै़ल बेटा बिना नंबर की थार गाड़ी दौड़ा रहा था. उस पर शान से विधायक प्रीतम लोधी स्टीकर लगा हुआ था. मगर शिवपुरी की पुलिस आंख पर पट्टी बांध रखी थी. किसी की हिम्मत नहीं थी कि विधायक के बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई करे.
कार्रवाई करने में डर रही थी पुलिस
शिवपुरी के करैरा नगर में दिनेश लोधी का टेरर इतना ज्यादा है कि पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने और FIR दर्ज करने में भी कांप रही थी. जब मीडिया में खबर फैलने लगी तब जाकर दिनेश लोधी के खिलाफ एफआईआर में दर्ज हुआ है. मामले के तूल पकड़ने पर मीडिया से बात करते हुए करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ ने सफाई देते हुए कहा कि पहले वाली एफआईआर में टेक्निकल गलती थी. मैंने थाने पहुंचकर उसमें सुधार करवाई है. साथ ही थार गाड़ी पर जो लिखा है, उसका भी एफआईआर दर्ज है.