राजस्थान के सवाई माधोपुर में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है जहां इमारत के सामने खुले आसमां के नीचे गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया. बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल पर ताला लगा था, डॉक्टर और नर्स सब गायब थे. जिसके चलते गर्भवती की एक महिला रिश्तेदार ने उसकी डिलीवरी कराई. इस घटना से जुड़ा एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गनीमत रही कि डिलीवरी सुरक्षित ढ़ंग से करा ली गई और मां-नवजात को दूसरे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की तबियत में सुधार है.
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गर्भवती महिला का नाम कुंती देवी है जो बिलोली गांव की रहने वाली है. प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सवाई माधोपुर जिले के मलारना स्टेशन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लेकर आए थे, लेकिन वहां का मेन गेट बंद था. मौके पर कोई एएनएम भी नहीं थी. इधर गर्भवती महिला तेज दर्द से तड़प रही थी इसलिए मजबूरी में पीएचसी के सामने खुले आसमान में महिला की डिलीवरी करानी पड़ी.बाद में जच्चा-बच्चा को दूसरे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की जान बचा ली गई.
राजस्थान के सवाई माधोपुर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के सामने खुले आसमां के नीचे इस गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। वजह सरकारी अस्पताल पर ताला लगा था। डॉक्टर और नर्स सब गायब थे। ये सिर्फ सरकारी अस्पताल पर ताला नहीं बल्कि सरकारी सिस्टम दम तोड़ चुका है। वो तो शुक्र है डिलीवरी… pic.twitter.com/Ac2Da1e6KA
— Sunil Maurya (@smaurya_journo) July 26, 2026
कलेक्टर ने डॉक्टर को किया सस्पेंड
इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जो अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है. जैसे ही वीडियो जिला प्रशासन की नजर में आया तो जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए जांच-पड़ताल कराई. घटना की पुष्टि होने पर, जिला कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई की और पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सचिन शर्मा को सस्पेंड कर दिया. ANM किरण कुमारी को भी एपीओ (Awaiting Posting Orders) किया गया है. मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.
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