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Home > टेक – ऑटो > अब 85% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के प्लान में सरकार, सामान्य फ्यूल से कैसे होगा अलग

अब 85% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के प्लान में सरकार, सामान्य फ्यूल से कैसे होगा अलग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक E85 को मौजूदा पेट्रोल का ऑप्शन नहीं बल्कि, एक अलग फ्यूल कैटेगरी के तौर पर लाने की तैयारी में है. इससे पहले के फ्यूल ऑप्शन्स पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा.

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Last Updated: April 29, 2026 14:48:18 IST

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flex-fuel plan: भारत में इन दिनों पेट्रोल को लेकर चर्चा तेज है. पहले E20 को लेकर लोगों के मन में कई सवाल थे, लेकिन अब एक E85 को लेकर काी चर्चा की जा रही है. माना जा रहा है कि सरकार भारत में E85 ईंधन को लाने की तैयारी में है. हो सकता है जल्द ही इसे लॉन्च करके ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. कुछ लोगों का मानना है कि यह तकनीक किफायती हो सकती है तो कुछ का कहना है कि इस फ्यूल को लाने के बाद गाड़ियों की माइलेज पर पहले से भी ज्यादा असर पड़ने लगेगा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक E85 को मौजूदा पेट्रोल का ऑप्शन नहीं बल्कि, एक अलग फ्यूल कैटेगरी के तौर पर लाने की तैयारी में है. इससे पहले के फ्यूल ऑप्शन्स पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा. 

85% एथेनॉल के साथ चलेंगी गाड़ियां

जानकारी के मुताबिक E85 फ्यूल में 85% एथेनॉल होता है, इसके साथ ही 15 फीसदी पेट्रोल पाया जाता है. यानि पहले के मुकाबले अब फ्यूल में आपको 85 फीसदी तक एथेनॉल देखने के लिए मिलेगा. देखा जाए तो देश में अभी E20 फ्यूल की बिक्री हो रही है, जोकि जरूरी माना जा रहा है. इतना ही नहीं बल्कि, सरकार अब 85 ईंधन और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में भी है. हो सकता है कि जल्दी ही यह गाड़ियां लॉन्च की जा सकती हैं. सरकार द्वारा इसका रोडमैप तैयार करने की बात चल रही है. 

इसे भी पढ़ें – Petrol Diesel Price Hike: क्या 28 रुपये तक महंगा हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? क्या है खबर की सच्चाई

क्या परफॉर्मेंस पर भी पड़ेगा असर?

जानकारों की मानें तो 85% एथेनॉल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक गेमचेंजर के तौर पर साबित हो सकता है. कई दो पहिए वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा इसकी शुरुआत कर दी गई है. बात की जाए अगर परफॉर्मेंस की तो कुछ लोग ई-20 फ्यूल को लेकर भी शिकायत करते हैं कि इस फ्यूल को डालने के बाद उनका वाहन ठीक या ज्यादा माइलेज नहीं दे रहा है. अब E85 फ्यूल आने के बाद यह देखा जाएगा कि इसका असर वाहनों की परफॉर्मेंस और माइलेज पर पड़ेगा या नहीं. 

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flex-fuel plan: भारत में इन दिनों पेट्रोल को लेकर चर्चा तेज है. पहले E20 को लेकर लोगों के मन में कई सवाल थे, लेकिन अब एक E85 को लेकर काी चर्चा की जा रही है. माना जा रहा है कि सरकार भारत में E85 ईंधन को लाने की तैयारी में है. हो सकता है जल्द ही इसे लॉन्च करके ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. कुछ लोगों का मानना है कि यह तकनीक किफायती हो सकती है तो कुछ का कहना है कि इस फ्यूल को लाने के बाद गाड़ियों की माइलेज पर पहले से भी ज्यादा असर पड़ने लगेगा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक E85 को मौजूदा पेट्रोल का ऑप्शन नहीं बल्कि, एक अलग फ्यूल कैटेगरी के तौर पर लाने की तैयारी में है. इससे पहले के फ्यूल ऑप्शन्स पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा. 

85% एथेनॉल के साथ चलेंगी गाड़ियां

जानकारी के मुताबिक E85 फ्यूल में 85% एथेनॉल होता है, इसके साथ ही 15 फीसदी पेट्रोल पाया जाता है. यानि पहले के मुकाबले अब फ्यूल में आपको 85 फीसदी तक एथेनॉल देखने के लिए मिलेगा. देखा जाए तो देश में अभी E20 फ्यूल की बिक्री हो रही है, जोकि जरूरी माना जा रहा है. इतना ही नहीं बल्कि, सरकार अब 85 ईंधन और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में भी है. हो सकता है कि जल्दी ही यह गाड़ियां लॉन्च की जा सकती हैं. सरकार द्वारा इसका रोडमैप तैयार करने की बात चल रही है. 

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क्या परफॉर्मेंस पर भी पड़ेगा असर?

जानकारों की मानें तो 85% एथेनॉल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक गेमचेंजर के तौर पर साबित हो सकता है. कई दो पहिए वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा इसकी शुरुआत कर दी गई है. बात की जाए अगर परफॉर्मेंस की तो कुछ लोग ई-20 फ्यूल को लेकर भी शिकायत करते हैं कि इस फ्यूल को डालने के बाद उनका वाहन ठीक या ज्यादा माइलेज नहीं दे रहा है. अब E85 फ्यूल आने के बाद यह देखा जाएगा कि इसका असर वाहनों की परफॉर्मेंस और माइलेज पर पड़ेगा या नहीं. 

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