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HomeVideosलाहौर की सड़क पर चलती बस में कंडक्टर ने दिखाई हैवानियत, मासूम ईसाई बच्ची को बेरहमी से पीटा, सुरक्षा पर उठे सवाल!

लाहौर की सड़क पर चलती बस में कंडक्टर ने दिखाई हैवानियत, मासूम ईसाई बच्ची को बेरहमी से पीटा, सुरक्षा पर उठे सवाल!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-22 12:41:14

पाकिस्तान के लाहौर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, वीडियो में सरकारी स्पीडो बस (Speedo Bus) का एक मुस्लिम कंडक्टर एक छोटी बच्ची को बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहा है, पीड़ित बच्ची अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय से है और शारीरिकऔर मानसिक रूप से विशेष (Special Needs) है, कंडक्टर उसे बालों से पकड़कर और चेहरे पर घूंसे मारते हुए दिखाई दे रहा है, इस घटना के बाद पाकिस्तान के ईसाई समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है, उनका कहना है कि यह हमला केवल एक बच्ची पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान में रह रहे असुरक्षित अल्पसंख्यकों की स्थिति पर एक प्रहार है.


Lahore Speedo Bus Conductor Beats Christian Girl: यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवस्थित भेदभाव और हिंसा की एक और कड़ी मानी जा रही है एक विशेष बच्ची, जो अपनी सुरक्षा करने में असमर्थ है, उस पर हाथ उठाना कंडक्टर की मानसिक विकृति को दर्शाता है स्थानीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं के अनुसार, पीड़िता के ईसाई होने के कारण उसे अधिक प्रताड़ित किया गया, ईसाई समुदाय का कहना है कि उन्हें पाकिस्तान में लगातार ‘दोयम दर्जे’ का नागरिक समझा जाता है, वीडियो वायरल होने के बाद वैश्विक स्तर पर लोग पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति (Condition of Minorities in Pakistan) पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं,  पीड़िता के परिवार को डर है कि आरोपी को प्रभाव के चलते छोड़ दिया जाएगा.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-22 12:41:14


Lahore Speedo Bus Conductor Beats Christian Girl: यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवस्थित भेदभाव और हिंसा की एक और कड़ी मानी जा रही है एक विशेष बच्ची, जो अपनी सुरक्षा करने में असमर्थ है, उस पर हाथ उठाना कंडक्टर की मानसिक विकृति को दर्शाता है स्थानीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं के अनुसार, पीड़िता के ईसाई होने के कारण उसे अधिक प्रताड़ित किया गया, ईसाई समुदाय का कहना है कि उन्हें पाकिस्तान में लगातार ‘दोयम दर्जे’ का नागरिक समझा जाता है, वीडियो वायरल होने के बाद वैश्विक स्तर पर लोग पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति (Condition of Minorities in Pakistan) पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं,  पीड़िता के परिवार को डर है कि आरोपी को प्रभाव के चलते छोड़ दिया जाएगा.

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