Live TV
Search
HomeVideosमुंबई लोकल का नया ‘ओवन’, बिना AC के बंद दरवाजों वाली पहली ट्रेन लॉन्च, 40 डिग्री की गर्मी में यात्रियों को उबालने का इरादा?

मुंबई लोकल का नया ‘ओवन’, बिना AC के बंद दरवाजों वाली पहली ट्रेन लॉन्च, 40 डिग्री की गर्मी में यात्रियों को उबालने का इरादा?

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-15 18:15:53

भारतीय रेलवे ने मुंबई लोकल नेटवर्क पर अपनी तरह का पहला नॉन-एसी (Non-AC) क्लोज्ड डोर रेक पेश किया है, प्रशासन का तर्क है कि इससे भीड़भाड़ वाली ट्रेनों से गिरने और होने वाली मौतों (Fatality) में कमी आएगी हालांकि, जैसे ही इसकी तस्वीरें और जानकारी सामने आई, नियमित यात्रियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया, मुंबई में गर्मी और उमस (Humidity) का स्तर अक्सर असहनीय होता है यात्रियों का कहना है कि जब ट्रेन स्टेशन पर रुकी होगी या बीच ट्रैक पर फंसी होगी, तब बिना एसी और बंद दरवाजों के अंदर का तापमान 45-50 डिग्री तक पहुंच सकता है.


Mumbai Local First Non-AC Closed Door Rake: यह फैसला सुरक्षा और व्यवहारिकता (Practicality) के बीच एक बड़े टकराव को जन्म दे रहा है, यात्रियों का आरोप है कि नीति निर्माताओं ने मुंबई की जमीनी हकीकत और वहां की भीड़ को नजरअंदाज कर यह फैसला लिया है, एसी लोकल में तो तापमान नियंत्रित रहता है लेकिन नॉन-एसी में केवल पंखे इतनी गर्मी और भीड़ के बीच वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, जहां एक तरफ प्रशासन का ध्यान गिरते हुए यात्रियों को बचाना है, वहीं दूसरी तरफ बंद कोच में ऑक्सीजन की कमी और अधिक गर्मी के कारण बेहोश होने का खतरा बढ़ गया है, मांग उठ रही है कि यदि दरवाजे बंद करने हैं, तो पूरे रेक को एयर-कंडीशन्ड (AC) बनाना अनिवार्य होना चाहिए, जैसा कि मेट्रो ट्रेनों में होता है अभी यह ट्रेन ट्रायल और सीमित रन पर हो सकती है, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया ने रेलवे को बैकफुट पर धकेल दिया है.

MORE NEWS

HomeVideosमुंबई लोकल का नया ‘ओवन’, बिना AC के बंद दरवाजों वाली पहली ट्रेन लॉन्च, 40 डिग्री की गर्मी में यात्रियों को उबालने का इरादा?

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-15 18:15:53


Mumbai Local First Non-AC Closed Door Rake: यह फैसला सुरक्षा और व्यवहारिकता (Practicality) के बीच एक बड़े टकराव को जन्म दे रहा है, यात्रियों का आरोप है कि नीति निर्माताओं ने मुंबई की जमीनी हकीकत और वहां की भीड़ को नजरअंदाज कर यह फैसला लिया है, एसी लोकल में तो तापमान नियंत्रित रहता है लेकिन नॉन-एसी में केवल पंखे इतनी गर्मी और भीड़ के बीच वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, जहां एक तरफ प्रशासन का ध्यान गिरते हुए यात्रियों को बचाना है, वहीं दूसरी तरफ बंद कोच में ऑक्सीजन की कमी और अधिक गर्मी के कारण बेहोश होने का खतरा बढ़ गया है, मांग उठ रही है कि यदि दरवाजे बंद करने हैं, तो पूरे रेक को एयर-कंडीशन्ड (AC) बनाना अनिवार्य होना चाहिए, जैसा कि मेट्रो ट्रेनों में होता है अभी यह ट्रेन ट्रायल और सीमित रन पर हो सकती है, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया ने रेलवे को बैकफुट पर धकेल दिया है.

MORE NEWS